
पारदर्शी विकास न्यूज़ बांदा। बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में किसानों, व्यापारियों, एफपीओ सदस्यों और दाल मिल संचालकों के लिए भंडारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण (डब्ल्यूडीआरए) विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कृषि उपज के वैज्ञानिक भंडारण, पंजीकृत गोदामों की उपयोगिता, इलेक्ट्रॉनिक नेगोशिएबल वेयरहाउस रसीद (e-NWR) और भंडारण आधारित वित्तीय सुविधाओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट निदेशक प्रो. भानु प्रकाश मिश्रा ने कहा कि उचित भंडारण सुविधा मिलने पर किसान अपनी उपज को सुरक्षित रखकर बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकते हैं।मुख्य अतिथि प्रो. मुकुल कुमार ने कटाई के बाद होने वाली क्षति को कम करने के लिए वैज्ञानिक भंडारण तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में 32 किसानों, एफपीओ प्रतिनिधियों और दाल मिल संचालकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को डब्ल्यूडीआरए पंजीकृत वेयरहाउस का भ्रमण भी कराया गया।