
मायावती का आरएसएस पर निशाना, कथनी-करनी में अंतर बताया
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ।
बहुजन समाज पार्टी की ऑल इंडिया बैठक गुरुवार को लखनऊ स्थित प्रदेश बसपा कार्यालय में हुई। बैठक में पार्टी प्रमुख मायावती ने पदाधिकारियों को संगठन को मजबूत करने और परिवारवाद से दूर रहते हुए मान्यवर कांशीराम के सिद्धांतों पर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उनके लिए रिश्ते-नाते नहीं, बल्कि पार्टी मूवमेंट सर्वोपरि है। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के मानवतावादी आंदोलन को मिशनरी भावना से आगे बढ़ाकर राजनीतिक शक्ति हासिल करना ही शोषित वर्ग के हित में जरूरी है।मायावती ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और मोहन भागवत के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि आरएसएस की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने संघ से बाबा साहब के मानवतावादी संविधान पर ईमानदारी और निष्ठा से अमल करने तथा अपने लोगों से भी इसका पालन कराने की नसीहत दी।बैठक में मायावती ने नौ अक्टूबर को मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों के निर्देश दिए। उत्तर प्रदेश के मंडल प्रभारियों और जिलाध्यक्षों को आयोजन को व्यापक बनाने की जिम्मेदारी दी गई। अन्य राज्यों से आए पदाधिकारियों को भी संगठन विस्तार और पार्टी गतिविधियों को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को फिलहाल पार्टी की किसी बड़ी जिम्मेदारी से दूर रखने का फैसला दोहराया। उन्होंने कहा कि आकाश को राजनीतिक परिस्थितियों को समझने और पर्याप्त अनुभव हासिल करने के लिए अभी और समय चाहिए। मायावती ने कहा कि कांशीराम परिवारवाद के विरोधी थे और उन्होंने परिवार के सदस्यों को पार्टी के काम में सहयोग तक सीमित रखा था। वह भी इसी सिद्धांत पर आगे बढ़ रही हैं।इस बीच आकाश आनंद ने अपने एक्स प्रोफाइल में ‘राष्ट्रीय संयोजक’ की जगह खुद को ‘बसपा कार्यकर्ता’ बताया है। इस बदलाव को मायावती के फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है। बैठक में सतीश चंद्र मिश्र, विश्वनाथ पाल, घनश्याम चंद खरवार, मुनकाद अली समेत अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी और सभी 75 जिलाध्यक्ष मौजूद रहे।