
pardarshi vikas news unnao
नगर पालिका परिषद उन्नाव में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। लखनऊ मंडलायुक्त द्वारा गठित तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट में कुल 17 आरोपों में से 5 आरोपों को सिद्ध पाया गया है, जबकि कई मामलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। शासन ने मामले को गंभीर मानते हुए नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा को 15 दिनों के भीतर सभी आरोपों पर साक्ष्यों सहित जवाब देने के निर्देश दिए हैं। तय समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, सबसे बड़ा आरोप श्रमिक भर्ती और टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी का है। समिति ने पाया कि जेम पोर्टल पर जारी निविदाओं में शासनादेशों का पालन नहीं किया गया। कम बोली लगाने वाली फर्मों को बिना स्पष्ट कारण के बाहर कर दिया गया और कई निविदाएं निरस्त कर दी गईं, जिसे जांच समिति ने अनियमितता माना है।
इसी तरह गौशालाओं के चारे की खरीद प्रक्रिया में भी जेम पोर्टल के नियमों का पालन नहीं किया गया। निविदा निरस्त कर दोबारा टेंडर जारी किए गए, जिसे भी गलत प्रक्रिया के रूप में दर्ज किया गया है। एक अन्य गंभीर मामले में नगर पालिका के डंपिंग यार्ड से अवैध मिट्टी खनन का आरोप सिद्ध पाया गया है। खनन निरीक्षण में पाया गया कि करीब 600 घन मीटर मिट्टी निकाली गई, लेकिन पालिका यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि इस मिट्टी का उपयोग कहां किया गया।स्वच्छ भारत मिशन के तहत डस्टबिन और अन्य सामग्री वितरण मामले में भी अनियमितता सामने आई है।

पालिका ने 4000 डस्टबिन खरीद के दस्तावेज तो प्रस्तुत किए, लेकिन वितरण का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं करा सकी। समिति ने इसे आंशिक रूप से सिद्ध आरोप माना है।सबसे गंभीर टिप्पणी पड़ाव अड्डा संचालन को लेकर की गई है। वर्ष 2024-25 में नियमित निविदा प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और पूर्व की फर्म को ही सेवा विस्तार दे दिया गया, जिससे अन्य कंपनियों को बोली में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिला और राजस्व को नुकसान पहुंचा।फिलहाल शासन ने सभी आरोपों पर जवाब मांगा है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।