
तनिश सिंह
PARDARSHI VIKASH NEWS उन्नाव। आगामी मानसून और संभावित बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को गंगा तट स्थित आनंद घाट पर मेगा मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार गोंड के नेतृत्व में आयोजित इस अभ्यास में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी बाढ़ दल समेत विभिन्न विभागों ने राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया।मॉकड्रिल के दौरान नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने और बाढ़ आने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। इस दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को मोटरबोट और अन्य संसाधनों की मदद से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभ्यास किया गया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।बचाए गए लोगों को मिश्रा कॉलोनी में बनाए गए राहत शिविर में पहुंचाने की व्यवस्था भी प्रदर्शित की गई। शिविर में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग पंजीकरण काउंटर, आवासीय व्यवस्था, कम्युनिटी किचन, शुद्ध पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी दी गई। चिकित्सा विभाग ने मेडिकल कैंप के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का प्रदर्शन किया, जबकि शिक्षा विभाग ने वैकल्पिक शिक्षा केंद्र और बाल क्रीड़ा केंद्र की व्यवस्था का प्रदर्शन किया।मॉकड्रिल में नाव पलटने की काल्पनिक घटना भी शामिल की गई। डूब रहे लोगों को एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया और एम्बुलेंस के जरिए जिला अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया दिखाई गई। इसके अलावा एक औद्योगिक इकाई में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की स्थिति का अभ्यास कराया गया, जिसमें पुलिस ने अग्निशमन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया और फायर ब्रिगेड ने आग बुझाने की कार्रवाई का प्रदर्शन किया।एडीएम सुशील कुमार गोंड ने बताया कि शासन के निर्देश पर जनपद में बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर यह मॉकड्रिल आयोजित की गई। उन्नाव की सदर, बीघापुर, सफीपुर और बांगरमऊ तहसीलें बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आती हैं, इसलिए इन क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखा गया। पूरे अभ्यास की निगरानी ड्रोन कैमरों के माध्यम से की गई।मॉकड्रिल में राजस्व, पुलिस, सिंचाई, अग्निशमन, चिकित्सा, पशुपालन, शिक्षा, पंचायती राज, जल निगम, नगर निकाय, लोक निर्माण विभाग, नागरिक सुरक्षा, एनसीसी, एनएसएस और आपदा मित्रों सहित कई विभागों ने भाग लिया। अधिकारियों ने कहा कि आपदा के समय विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई से जनहानि को न्यूनतम किया जा सकता है।