
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। काकादेव थाना क्षेत्र के नवीन नगर स्थित हार्मोनी अपार्टमेंट में बेसमेंट की दीवार गिरने और आंगन का हिस्सा धंसने की घटना के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने शुक्रवार देर रात पूरी इमारत को सील कर दिया। प्रशासन ने इमारत को असुरक्षित मानते हुए सभी 13 परिवारों को पहले ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। अब घटना के कारणों की तकनीकी जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है।शुक्रवार सुबह लगातार बारिश के बाद अपार्टमेंट के बेसमेंट में स्थित एक फ्लैट की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। इसके साथ ही आंगन का हिस्सा भी धंस गया, जिससे परिसर में खड़ी कई बाइकें मलबे में दब गईं। घटना के समय अपार्टमेंट में रहने वाले करीब 50 लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और मेट्रो की टीम मौके पर पहुंची और पूरे भवन को खाली कराया गया।जिस फ्लैट में दीवार गिरी, वहां डॉ. प्रतिभा द्वारा 'तरंग स्कूल ऑफ म्यूजिक' संचालित किया जाता है, जहां दृष्टिबाधित बच्चों को संगीत का प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने बताया कि वह पिछले एक वर्ष से यह फ्लैट किराये पर लेकर संस्थान चला रही हैं। घटना के समय बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि सभी लोग समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए।अपार्टमेंट की निवासी दीप्ति ने केडीए पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बेसमेंट में अवैध निर्माण और दुकानों के लिए खुदाई की शिकायत वर्ष 2024 में की गई थी। नोटिस जारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि बेसमेंट में लगातार निर्माण कार्य और बारिश के पानी के भराव से जमीन कमजोर हो गई, जिससे यह हादसा हुआ।घटना की जानकारी मिलने पर गोविंद नगर विधायक सुरेंद्र मैथानी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने केडीए और मेट्रो अधिकारियों से बातचीत कर मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण में लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित बिल्डर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।वहीं, यूपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) के संयुक्त महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान बेसमेंट में भारी जलभराव, अवैध निर्माण और खुदाई के साथ एक निर्माणाधीन रैंप भी मिला। प्रारंभिक जांच में संभावना जताई गई है कि लगातार बारिश और जलभराव के कारण भूमि की वहन क्षमता प्रभावित हुई, जिससे जमीन धंसने की स्थिति बनी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया घटना का मेट्रो निर्माण कार्य से कोई संबंध नहीं पाया गया है।फिलहाल केडीए ने अपार्टमेंट को सील कर दिया है और विशेषज्ञों की टीम भवन की संरचनात्मक सुरक्षा का परीक्षण कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अपने फ्लैटों में करोड़ों रुपये का निवेश करने वाले निवासी फिलहाल अस्थायी ठिकानों पर रहने को मजबूर हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

"हम लोगों ने अपनी जीवनभर की कमाई लगाकर यहां फ्लैट खरीदा था, लेकिन आज एक ही दिन में सब कुछ बदल गया। काफी समय से बेसमेंट में हो रहे निर्माण कार्य और उसकी शिकायतें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई थीं, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार बारिश के बाद बेसमेंट की दीवार गिर गई और जमीन धंस गई, जिससे पूरे अपार्टमेंट में दहशत फैल गई। अब हमारे सामने सबसे बड़ी समस्या रहने की है। हम चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और प्रभावित परिवारों को उचित राहत व सुरक्षा प्रदान की जाए।"-दीप्ति, अपार्टमेंट निवासी