
वेद प्रकाश/विजय भारती
PARDARSHI VIKASH NEWS अमेठी/लखनऊ। गौरीगंज के पूर्व विधायक एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता तेजभान सिंह का शनिवार को लखनऊ के मैक्स हॉस्पिटल में हृदय गति रुकने से निधन हो गया। उनके निधन की खबर से अमेठी समेत प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जनसंघ से भाजपा तक के लंबे राजनीतिक सफर में उन्होंने जनसेवा, सादगी, ईमानदारी और पारदर्शी राजनीति की अलग पहचान बनाई। उन्हें गाँव, गरीब और पीड़ितों की बुलंद आवाज के रूप में याद किया जाता है।परिजनों के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर शनिवार शाम 4 बजे से पैतृक गांव अचलपुर स्थित श्री गिरजाबक्स सिंह इंटर कॉलेज में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। अंतिम यात्रा एवं अंत्येष्टि 5 जुलाई (रविवार) को प्रातः 9 बजे ग्राम अचलपुर से निकलेगी।तेजभान सिंह के निधन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी , अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा ,भाजपा वरिष्ठ नेता गोविन्द नारायण शुक्ला,पूर्वांचल विकास बोर्ड सदस्य विजय विक्रम सिंह तथा राकेश सिंह सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया। नेताओं ने उन्हें जनसंघर्षों का पर्याय, सिद्धांतों पर चलने वाला जननेता और समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि उनका निधन प्रदेश की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।शोक संदेशों में कहा गया कि तेजभान सिंह का संपूर्ण जीवन जनसेवा, सादगी, ईमानदारी और समाजहित के कार्यों के लिए समर्पित रहा। उनके निधन से अमेठी ने अपना एक लोकप्रिय जननायक खो दिया है। नेताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।
अमेठी ने खो दिया लोकप्रिय जननायक, आर एस एस और जनसंघ का एक और स्तंभ गिरा
दिवंगत पूर्व विधायक तेजभान सिंह एक ऐसे नेता थे, जिन्होंने लोभ ,लालच और दबाव में कभी विचारधारा से समझौता नहीं किया। कांग्रेस की सत्ता के समय बड़े कांग्रेस नेताओं ने कई बार उन्हें दल बदल कराने की कोशिश की, परंतु नाकाम रहे। तेजभान सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की।जनसंघ के सक्रिय कार्यकर्ता रहे। पूर्व विधायक पं जमुना प्रसाद मिश्र के साथ उन्होंने जनसंघ और भाजपा को मजबूत करने के लिए पूरे जिले में काम किया।1977 में जनता पार्टी से पहली बार विधायक बने। अमेठी में कांग्रेस का वर्चस्व और प्रभाव बढ़ने के बावजूद वे अजेय विधायक रहे।1991,1993और1996में लगातार विधायक रहे।
कार्यकर्ताओं के बीच दादा नाम से लोकप्रिय रहे तेजभान सिंह ने आपात काल के दौरान अमेठी में लोकतंत्र बचाओ आंदोलन का नेतृत्व किया। उन्हें लोकतंत्र सेनानी का भी दर्जा प्राप्त था।
पूर्व विधायक तेजभान सिंह के निधन से अमेठी को अपूर्णनीय क्षति हुई है।वे एक लोक प्रिय जननायक थे। उनका जीवन सादगी, निष्ठा, ईमानदारी और स्पष्टवादिता का पर्याय रहा है। उन्होंने कभी भी सिद्धान्तों से समझौता नहीं किया।
ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें। -डा अंगद सिंह अवकाश प्राप्त प्रोफेसर/वरिष्ठ पत्रकार, अमेठी