
PARDARSHI VIKASH NEWS प्रयागराज। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े मामले में नया मोड़ आ गया है। श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने दावा किया है कि शंकराचार्य और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ दर्ज कराया गया मामला एक “साजिश” का हिस्सा था।आशुतोष ब्रह्मचारी ने एक नया वीडियो जारी करते हुए कहा है कि उनके पास कुछ कथित व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं, जिनके आधार पर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कर वास्तविक तथ्य सामने लाए जाएं।उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने धार्मिक संस्थाओं और संतों के खिलाफ सुनियोजित तरीके से शिकायत दर्ज कराने और प्रशासनिक स्तर पर दबाव बनाने की कोशिश की। आशुतोष ब्रह्मचारी ने अपने आवेदन में यह भी कहा है कि कई कथित चैट में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कराने की चर्चा का उल्लेख है।इसके अलावा उन्होंने जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य से जुड़े कुछ कथित ऑडियो और वीडियो साक्ष्यों की भी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इन सभी डिजिटल सामग्री की स्वतंत्र जांच आवश्यक है ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी या साजिश का सच सामने आ सके।आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह भी मांग की है कि संबंधित व्यक्तियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बयान निष्पक्ष माहौल में दर्ज किए जाएं और पूरे मामले की पारदर्शी जांच हो।हालांकि, इस पूरे विवाद पर अभी तक संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की सच्चाई जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।