
PARDARSHI VIKASH NEWS उन्नाव के शुक्लागंज स्थित गंगा के तटीय इलाकों में कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है। मिश्रा कॉलोनी और रविदास नगर क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य तेजी से जारी हैं, ताकि मानसून से पहले परियोजना पूरी की जा सके। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस बार कटान प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी और मजबूत इंतजाम किए जा रहे हैं।गंगाघाट क्षेत्र की मिश्रा कॉलोनी में पिछले तीन वर्षों से गंगा का कटान लगातार बढ़ रहा था। बीते वर्ष स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि मात्र पंद्रह दिनों में कटान रिहायशी इलाके के बेहद करीब पहुंच गई थी। गंगा का तेज बहाव सीधे आबादी की ओर बढ़ने लगा था, जिससे स्थानीय लोगों में अपने मकानों और जमीन के बह जाने का डर पैदा हो गया था।कटान की भयावह स्थिति को देखते हुए पहले सिंचाई विभाग ने बांस-बल्लियों के सहारे इसे रोकने का प्रयास किया था, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका। इसके बाद कटान रेलवे लाइन और गंगा पुल के नजदीक तक पहुंच गई, जिससे प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की चिंता और बढ़ गई।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अब मिश्रा कॉलोनी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर स्थायी कार्य किया जा रहा है। यहां जियो बैग में बालू भरकर उन्हें कटान स्थल पर सीढ़ीनुमा तरीके से लगाया जा रहा है, ताकि गंगा का पानी सीधे तट से न टकराए और कटान की गति धीमी हो सके। अब तक लगभग 200 मीटर क्षेत्र में यह कार्य पूरा हो चुका है और मशीनों व मजदूरों की मदद से काम तेजी से जारी है।वहीं रविदास नगर क्षेत्र में भी कटानरोधी कार्य तेज गति से चल रहा है। यहां जियो बैग के बजाय जियो ट्यूब का उपयोग किया जा रहा है। इन बड़े ट्यूबों में बालू भरकर तट किनारे लगाया जा रहा है, जिससे नदी के बहाव को नियंत्रित किया जा सके। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस प्रयास पर संतोष जताते हुए उम्मीद व्यक्त की है कि मानसून से पहले कार्य पूरा हो जाने पर बड़ी आबादी को कटान के खतरे से राहत मिलेगी।