
Pardarshi Vikas News Amethi
स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। शासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों के बावजूद, सड़कों पर बिना फिटनेस और आवश्यक उपकरणों के वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं। फिलहाल, जिले का परिवहन विभाग लगातार स्कूलों का दौरा कर वाहनों की जांच और कार्रवाई कर रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में 382 स्कूल बसें और 443 स्कूल वैन पंजीकृत हैं, जिनकी कुल संख्या 825 है। इनमें से बड़ी संख्या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कर रही है। 56 स्कूल बसों और 139 स्कूल वैन की फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है।
इसके अतिरिक्त, 89 वाहनों को फिटनेस न होने के कारण निलंबित किया गया है, जबकि 106 वाहन संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सबके बावजूद, कई वाहन नियमों का उल्लंघन कर सड़कों पर दौड़ते नजर आ रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिले में ई-रिक्शा स्कूली वाहन के रूप में कहीं भी पंजीकृत नहीं हैं, फिर भी इन्हीं के माध्यम से बच्चों को स्कूल ले जाया जा रहा है।
जमीनी हकीकत यह है कि अधिकांश स्कूली वाहनों में न तो जीपीएस सिस्टम लगा है, न सीसीटीवी कैमरा और न ही खिड़कियों पर सुरक्षा जाली। कई वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जा रहा है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
जिले के एआरटीओ महेंद्र बाबू गुप्ता ने बताया कि स्कूली वाहनों को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभाग के अधिकारी सभी स्कूलों में जाकर सरकार द्वारा निर्धारित 'अप इंटीग्रेटेड व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल' पर रजिस्ट्रेशन के लिए कह रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे ई-रिक्शा से अपने बच्चों को स्कूल न भेजें, क्योंकि यह गलत है।