news-details

रामनाम से गूंजा आश्रम परिसर

You can share this post!

वृंदावन में शुरू हुआ ‘दशम श्रीरामनाम पाटोत्सव महा महोत्सव’

 

जगनायक प्रधान
पारदर्शी विकास न्यूज़ वृंदावन।
धार्मिक नगरी वृंदावन में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित “दशम श्रीरामनाम पाटोत्सव महा महोत्सव” का शुभारंभ 17 मई से श्रद्धा और भक्ति के माहौल में हो गया। श्री शरणागत आश्रम, रामनगर कॉलोनी, श्रीधाम वृंदावन में चल रहे इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। आश्रम परिसर में सुबह से देर रात तक रामनाम संकीर्तन, भजन और धार्मिक अनुष्ठानों की गूंज सुनाई दे रही है।यह महोत्सव 23 मई 2026 तक चलेगा। आयोजन “रामनाम रसिया मंगल मूर्ति श्री हनुमंत लाल जी” के सान्निध्य में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के पहले दिन विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना और रामनाम संकीर्तन का आयोजन किया गया। संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने मिलकर श्रीराम नाम का जाप किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।महोत्सव में प्रतिदिन सुबह और शाम विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन, भजन संध्या, सत्संग और कथा का आयोजन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान कर रहा है। दूर-दराज से आए रामभक्त कार्यक्रम में भाग लेकर रामनाम संकीर्तन का लाभ ले रहे हैं। आयोजकों के अनुसार इस महोत्सव का उद्देश्य समाज में रामभक्ति और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देना है।आश्रम परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है। फूलों की आकर्षक सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी और धार्मिक झांकियां श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। पूरे परिसर में “राम-राम” की ध्वनि गूंज रही है। श्रद्धालु लगातार संकीर्तन में शामिल होकर भक्ति रस में डूबे नजर आ रहे हैं।आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। पेयजल, प्रसाद वितरण, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था भी की गई है। वहीं चरण सेवक कानपुर से नीरज त्रिपाठी ने महोत्सव की प्रमुख व्यवस्थाएं संभालीं और श्रद्धालुओं की सेवा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वयंसेवकों की टीम लगातार सेवाकार्य में जुटी हुई है।संतों ने अपने प्रवचन में कहा कि वर्तमान समय में रामनाम ही मनुष्य को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि रामनाम का जाप व्यक्ति को आध्यात्मिक शक्ति देता है और जीवन में सद्भाव, प्रेम और संयम का भाव पैदा करता है। पुरुषोत्तम मास में किए गए जप और भक्ति का विशेष महत्व बताया गया।स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि वृंदावन में होने वाले ऐसे धार्मिक आयोजन लोगों को धर्म और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं। रामनाम संकीर्तन से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है और श्रद्धालुओं को मानसिक सुकून मिलता है। कई श्रद्धालु परिवार सहित कार्यक्रम में पहुंच रहे हैं और पूरे समय भजन-कीर्तन में भाग ले रहे हैं।पोस्टर में भगवान श्रीराम के दिव्य स्वरूप और “राम-राम” मंत्र को विशेष रूप से दर्शाया गया है। इससे आयोजन की आध्यात्मिक छवि और अधिक प्रभावशाली दिखाई दे रही है। महोत्सव में हर दिन अलग-अलग धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें संत-महात्माओं के प्रवचन भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।आयोजन समिति के अनुसार महोत्सव के अंतिम दिन विशेष पूर्णाहुति और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समिति के सदस्य और स्वयंसेवक लगातार व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।वृंदावन में चल रहा यह “दशम श्रीरामनाम पाटोत्सव महा महोत्सव” श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम बना हुआ है। पूरे आश्रम परिसर में रामनाम की गूंज श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर रही है।  

 

देशभर के संतों का जुटा समागम

  • श्री वल्लभाचार्य जी महाराज
  • श्री किशोरदास देव जु महाराज
  • स्वामी श्री रामानंद दास जी महाराज
  • श्री ज्ञानानंद जी महाराज
  • श्री मिथिलेश नंदिनी शरण जी महाराज
  • श्री अयोध्या दास जी महाराज
  • श्री राज कुमार दास जी महाराज
  • श्री राघव दास जी महाराज
  • श्री सियाराम दास जी महाराज
  • श्री राम जी दास महाराज
  • श्री सुतीक्षण दास जी महाराज
  • श्री बलराम दास जी महाराज
  • श्री रविपुरी जी मौनी जी महाराज
  • श्री गिरीश दास जी महाराज
  • श्री राम प्रपन्नाचार्य जी महाराज
  • श्री वेणुगोपाल जी महाराज
  • श्री जगदानंद जी महाराज ‘मीत’
  • श्री पुण्डरीक गोस्वामी जी महाराज
  • श्री लाड़िली शरण जी महाराज
  • श्री श्रवणानंद जी महाराज
  • श्री कृष्ण चंद्र शास्त्री जी ठाकुर
  • श्री गोविंदा नंद तीर्थ जी महाराज
  • श्री गोपाल शरणदेवाचार्य जी महाराज
  • श्री प्रेमथन ठाकुर जी
  • श्री झंकारेश्वर दास जी महाराज
  • श्री हित गौरांगी शरण जी महाराज
  • श्री राधा चरण दास जी महाराज
  • श्री सनत कुमार शरण जी महाराज
  • श्री राजाराम दास जी महाराज
  • श्री रसिक माधव दास जी महाराज
  • श्री श्याम दास त्यागी जी महाराज
  • श्री हरिशंकर दास जी महाराज
  • श्री राम बालक दास जी महाराज
  • श्री माधवदास जी महाराज
  • श्री मोहन दास जी महाराज
  • श्री राम बिहारी दास जी महाराज
  • श्री चितरंजन दास जी महाराज
  • श्री अलवेली शरण जी महाराज
  • श्री तुलसीदास जी महाराज
  • श्री किशोरी शरण जी महाराज
  • श्री उर्मिला दास जी महाराज
  • श्री राधारमण दास जी महाराज
  • श्री कृष्णोपाल दास जी महाराज
  • श्री चित्र विचित्र जी महाराज
  • स्वामी श्री महेशानंद जी महाराज
  • श्री सेवानंद जी महाराज
  • श्री रंगीली सखी राधा मोहन दास जी
  • श्री प्रियाशरण जी
  • श्री मदन मोहन दास जी महाराज
  • श्री बसंत शास्त्री जी महाराज
  • आचार्य श्री बद्रीश जी महाराज
  • श्री राम प्रवेश दास जी महाराज
  • श्री फूलडोल दास जी महाराज
  • श्री श्याम सुंदर दास जी
  • श्री दामोदर दास जी महाराज
  • श्री विपिन बिहारी दास जी महाराज
  • श्री कुंज बिहारी शरण जी महाराज
  • श्री नवल राम जी महाराज
  • श्री बृज बिहारी दास जी महाराज
  • श्री श्याम सुंदर जी पाराशर
  • श्री मनोज मोहन शास्त्री जी महाराज
  • श्री दशरथ दास जी महाराज
  • श्री अनुराग कृष्ण जी पाठक
  • श्री शिवस्वरूप जी महाराज
  • डॉ. श्री राम कृपाल त्रिपाठी जी महाराज
  • श्री अनुरागी बाबा जी
  • श्री रामनिवास जी शुक्ल
  • श्री चितप्रकाशानंद जी
  • श्री कृष्णा नंद जी
  • श्री गिरिधर गोपाल जी महाराज
  • श्री मूदुल माधव दास जी महाराज

“वृंदावन की पावन धरा पर आयोजित श्रीरामनाम पाटोत्सव महा महोत्सव में सेवा करने का अवसर मेरे लिए सौभाग्य की बात है। रामनाम संकीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है और श्रद्धालुओं में अद्भुत उत्साह देखने को मिल रहा है। हमारी कोशिश है कि यहां आने वाले हर श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सेवा, भक्ति और समर्पण ही इस आयोजन की सबसे बड़ी पहचान है। भगवान श्रीराम की कृपा से यह महोत्सव लोगों को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर रहा है।”-चरण सेवक  नीरज त्रिपाठी