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रेलवे ट्रैक के नीचे ट्रेंचलेस विधि से बिछ रही पानी की पाइपलाइन

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पारदर्शी विकास न्यूज़ बांदा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हर घर जल संकल्प और मजबूत शहरी बुनियादी ढांचे के विजन को धरातल पर उतारने के लिए बांदा में विकास कार्यों को एक नई रफ्तार मिली है। नगर विकास तथा नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन विभाग के अंतर्गत बांदा-खरार जंक्शन के पास पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक ऐतिहासिक और अत्याधुनिक प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चल रहा है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत बांदा-खरार जंक्शन के पास 4.89 करोड़ रुपए के भारी-भरकम लागत से 300, 450 और 500 डड व्यास की विशाल पानी की पाइपलाइनों को शिफ्ट किया जा रहा है। इस कार्य की सबसे बड़ी विशेषता इसका आधुनिक तकनीकी दृष्टिकोण है। रेलवे ट्रैक के नीचे से इन पाइपलाइनों को गुजारने के लिए अत्याधुनिक ट्रेंचलेस (बिना खुदाई की) विधि का उपयोग किया जा रहा है। इस एडवांस तकनीक के कारण बिना किसी यातायात व्यवधान व बिना रेलवे रूट को रोके और बिना आम जनता को परेशानी दिए यह जटिल काम बेहद सुगम तरीके से पूरा किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा इस प्रोजेक्ट की शुरुआत बीते वर्ष 28 मई 2025 को की गई थी। विभाग को इस कार्य को पूरा करने के लिए 31 मार्च 2027 तक का समय दिया गया था। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यप्रणाली के अनुरूप गति और गुणवत्ता को मूलमंत्र मानते हुए जल निगम ने इस काम को रिकॉर्ड समय में आगे बढ़ाया है और यह प्रोजेक्ट अपनी तय समय सीमा से काफी पहले ही लगभग 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।