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राघव चड्ढा समेत सात आप सांसद भाजपा में

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अशोक मित्तल ने ईडी छापे के 10वें दिन भाजपा जॉइन की

चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसद भाजपा में शामिल होंगे। इसका ऐलान पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार शाम को 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया।
उन्होंने बताया कि राज्यसभा सांसद संदीप पाठक, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल, राजेंदर गुप्ता हमारे साथ हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद थे। अशोक मित्तल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन हैं और जालंधर में उनके घर 10 दिन पहले 15 अप्रैल को ईडी ने छापेमारी की थी। राघव चड्‌ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल ने भाजपा मुख्यालय पहुंचकर पार्टी जॉइन की। बाकी चार सांसद अभी सामने नहीं आए हैं। स्वाति मालीवाल ने कहा- मैं इटानगर में हूं। शाम को दिल्ली लौटकर बात करूंगी। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव हैं। राघव ने बताया कि पार्टी के दो-तिहाई सांसदों ने यह फैसला लिया। इसलिए दलबदल कानून लगने का कोई मतलब नहीं है।राघव चड्ढा ने कहा पिछले कुछ सालों से, मुझे यह महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं। हमने यह फैसला किया है कि हम संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को भाजपा में मिला लेंगे।
2024    के लोकसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने पंजाब में 3 सीटें जीती थीं। गुरमीत सिंह मीत हेयर (संगरूर), राजकुमार चब्बेवाल (होशियारपुर) और मालविंदर सिंह कंग (आनंदपुर साहिब)।  गौरतलब है कि 21 मार्च 2024 को लोकसभा चुनाव से पहले जब शराब घोटाले में केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया। तब राघव ने न कुछ बोला, न सोशल मीडिया पर कुछ लिखा। फरवरी-2025 में दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आए, तो आप को करारी हार मिली। पार्टी को सिर्फ 22 सीटें मिलीं जबकि BJP ने 48 सीटें जीतकर सरकार बनाई। तब भी राघव चुप्पी साधे रहे। आप के किसी कार्यक्रम में नहीं दिखे। 2025 की शुरुआत में ही राघव के सोशल मीडिया अकाउंट से आप का बैनर और चुनाव निशान हटने लगे। आप के अंदर चर्चा होने लगी कि राघव पार्टी के बजाय पर्सनल ब्रांडिंग पर फोकस कर रहे हैं। वह न पार्टी दफ्तर आते हैं, न किसी नेता से मिलते हैं। 27    फरवरी 2026 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल, मनीष सिसोदिया सहित बाकी आरोपियों को शराब घोटाले में सीबीआई के मामले से बरी कर दिया। आप ने इसका जश्न मनाया, लेकिन राघव नदारद रहे। अमेरिका-ईरान जंग छिड़ने के बाद राघव चड्ढा ने पार्टीलाइन पर संसद में बोलने से इनकार कर दिया। हाल में जब पार्टी व्हिप के तहत आप सांसदों ने वॉकआउट किया, तब राघव सदन में ही मौजूद रहे। सात सांसदों के दल-बदल के बाद अब राज्यसभा में आप के कुल तीन सांसद रह गए हैं। इस तरह संसद में अभी भी आप के छह सांसद हैं। यानी कुल सांसदों में से करीब आधे अभी भी पार्टी के साथ बने हुए हैं।