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PARDARSHI VIKASH NEWS इलाहाबाद हाईकोर्ट ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के वरिष्ठतम प्रोफेसर अजीत सिंह को आर्थोपेडिक विभाग का एच ओ डी नियुक्त करने पर कुलपति को तीन हफ्ते में नियमानुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है।और कहा है कि यदि कुलपति निर्णय नहीं ले पाते तो कार्यकारिणी परिषद चार हफ्ते में कानून के मुताबिक निर्णय ले।यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने अजीत सिंह की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याची का कहना था कि वह 2011से आर्थोपेडिक विभाग में कार्यरत हैं। वरिष्ठतम होने के नाते उसे तीन साल के लिए एच ओ डी बनने का अधिकार है। किंतु कुलपति ने माडर्न मेडिसिन संकाय के डीन आई एम एस को आर्थोपेडिक विभाग का एच ओ डी नियुक्त किया है। जबकि याची का इस पर अधिकार है।विश्वविद्यालय के अधिवक्ता ने कहा कुलपति या कार्यकारिणी परिषद दोनों निर्णय ले सकते हैं। दोनों को ही अधिकार है। इस पर कोर्ट ने कुलपति को आदेश दिया है।