
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। पुलिस अभिरक्षा में इलाज करा रहा एक विचाराधीन बंदी शुक्रवार को केजीएमयू से फरार हो गया। बंदी की निगरानी में तैनात पुलिसकर्मियों को उसकी फरारी की भनक तक नहीं लगी, जिसके बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।जानकारी के मुताबिक, दुष्कर्म और धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार ओडिशा के बालासोर निवासी हैदर अली जिला कारागार में बंद था। तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले जेल अस्पताल, फिर बलरामपुर अस्पताल और बाद में केजीएमयू रेफर किया गया था, जहां उसका इलाज चल रहा था।उसकी निगरानी के लिए हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार और बंदी रक्षक धर्मेंद्र सिंह की ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन चेकिंग के दौरान बंदी के गायब होने की जानकारी मिली।घटना के बाद जेल प्रशासन ने लापरवाही मानते हुए दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ चौक कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। साथ ही फरार बंदी की तलाश में पुलिस टीमों का गठन कर दबिश दी जा रही है।अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा चूक कैसे हुई और किन परिस्थितियों में बंदी अस्पताल से फरार हो सका।