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नंगे पांव सिर पर शिलापट रखकर स्कूल पहुंचे सपा विधायक

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जगनायक प्रधान
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर।
समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेई ने सोमवार को परमट प्राथमिक विद्यालय में स्मार्ट क्लास रूम निर्माण का शिलान्यास बेहद अनोखे और भावनात्मक अंदाज में किया। विधायक अपनी पत्नी वंदना बाजपेई के साथ परमट मंदिर से नंगे पांव पैदल स्कूल पहुंचे और सिर पर शिलापट रखकर करीब 500 मीटर लंबा रास्ता तय किया। इस दौरान पूरे मार्ग में उनके समर्थक मौजूद रहे, जिन्होंने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। कई स्थानों पर लोगों ने नारेबाजी करते हुए उनके इस कदम का समर्थन भी किया। पूरा माहौल उत्साह और राजनीतिक हलचल से भरा रहा।विद्यालय परिसर पहुंचकर विधायक ने अपनी पत्नी के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की और विधायक निधि से बनने वाले तीन स्मार्ट क्लास रूम की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना बच्चों की आधुनिक शिक्षा के लिए बेहद जरूरी है और लंबे समय से इस कार्य को शुरू कराने की कोशिश की जा रही थी।शिलान्यास के बाद एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला, जब विधायक के बेटे शिखर बाजपेई ने पिता के पैर धोए और उन्हें जूते पहनाए। इसके बाद उन्होंने उन्हें कुर्ता पहनाया। इस दौरान मौजूद लोगों ने इस पल को काफी भावुक बताया और इसकी चर्चा पूरे कार्यक्रम में होती रही।विधायक ने कहा कि प्रशासन ने अब विद्यालय की जमीन चिन्हित कर दी है और ले-आउट भी उपलब्ध करा दिया गया है, जिससे निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने इसे अपने “सत्याग्रह की जीत” बताया और कहा कि उनका उद्देश्य किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना था।गौरतलब है कि 10 दिन पहले विधायक ने संकल्प लिया था कि जब तक विद्यालय में शिलान्यास नहीं होगा, तब तक वह नंगे पांव और बिना कुर्ता-चप्पल के रहेंगे। इस दौरान वे लगातार इसी स्थिति में सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते रहे, जिससे यह मामला राजनीतिक और सामाजिक रूप से चर्चा में रहा।इससे पहले 13 मई को विद्यालय स्थल के निरीक्षण के दौरान सपा और भाजपा समर्थकों के बीच विवाद और नोकझोंक की स्थिति भी बनी थी। मामला इतना बढ़ा कि प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा और बाद में विधायक को अस्थायी रूप से हाउस अरेस्ट भी किया गया था।विवाद के बावजूद अब शिलान्यास पूरा हो गया है। विधायक ने आश्वासन दिया कि निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा और स्मार्ट क्लास रूम बनने के बाद क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक शिक्षा सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।

“मैंने पहले ही संकल्प लिया था कि जब तक परमट प्राथमिक विद्यालय में स्मार्ट क्लास रूम का शिलान्यास नहीं हो जाता, तब तक मैं नंगे पांव और बिना कुर्ता-चप्पल के ही रहूंगा। आज वह संकल्प पूरा हुआ है, इसलिए मैं अपने संकल्प से मुक्त हुआ हूँ। यह मेरे लिए राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और नैतिक जिम्मेदारी थी। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आधुनिक शिक्षा सुविधाएं देना मेरा उद्देश्य रहा है। प्रशासन ने अब भूमि चिन्हित कर दी है और ले-आउट भी मिल गया है, जिससे निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। मैं इसे सत्याग्रह की जीत मानता हूँ और उम्मीद करता हूँ कि जल्द ही बच्चों को स्मार्ट क्लास का लाभ मिलेगा।”-अमिताभ बाजपेई

कार्यकर्मों में बिना कुर्ता पहने शामिल होते रहे
15 मई को शपथ के बाद से अमिताभ बाजपेयी नंगे पैर और बिना शर्ट, कुर्ते के कार्यक्रमों में पहुंचते रहे। 21 मई और 22 मई को उन्होंने दो प्राथमिक स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम का उद्घाटन किया। इनमें से एक उद्घाटन उन्होंने भाजपा के दिवंगत पार्षद की पत्नी से कराया।इसी बीच वे तीन दिन लखनऊ में भी रहे। इस दौरान उन्होंने पार्टी की बैठकों में हिस्सा लिया और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से कानपुर के प्राथमिक विद्यालय से जुड़े मामले पर बातचीत की।इसके बाद 24 मई को उन्होंने कानपुर की 100 साल से भी अधिक पुरानी अशोक पॉलिटिकल लाइब्रेरी के पुनर्निर्माण काम का उद्घाटन किया।