
पारदर्शी विकास ब्यूरो
कुशीनगर। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पारंपरिक खेती के साथ मखाना, रेशम और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किसान दिवस में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता और समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। बैठक में किसानों ने कृषि, गन्ना, सिंचाई, जलभराव और फसल क्षति से जुड़ी समस्याएं उठाईं। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का स्थलीय सत्यापन कर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जिले के 30 किसानों को आजमगढ़ में प्रशिक्षण दिलाया गया है। किसानों ने मखाना उत्पादन में उपयोग होने वाली मशीनों की उपलब्धता की मांग की। डीएम ने जलभराव वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर मखाना उत्पादन की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। बैठक में रेशम उत्पादन को लेकर भी जानकारी दी गई। किसानों को निःशुल्क शहतूत के पौधे उपलब्ध कराने और शहतूत की खेती के साथ रेशम कीट पालन से अतिरिक्त आय अर्जित करने की जानकारी दी गई। गन्ना क्रय केंद्र बलवनिया की समस्या पर भी डीएम ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान और फसल नुकसान से राहत के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मौसम आधारित फसल बीमा योजना की जानकारी भी दी गई। डीएम ने कहा कि किसान मखाना, रेशम समेत अन्य गतिविधियों को अपनाकर आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करें।