
उन्नाव। शहर के मेडिसिटी अस्पताल में शनिवार को उस समय हंगामा हो गया, जब एक मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और अत्यधिक शुल्क वसूलने का आरोप लगाया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया।जानकारी के अनुसार, अचलगंज थाना क्षेत्र के सुपासी निवासी सुल्खान पहलवान को करीब 14 दिन पहले मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मरीज के भाई का आरोप है कि भर्ती के समय अस्पताल प्रबंधन ने 48 से 72 घंटे के भीतर मरीज की हालत में सुधार होने और होश आने का भरोसा दिलाया था। लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी मरीज की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान अस्पताल लगातार अलग-अलग किस्तों में पैसे जमा कराने के लिए दबाव बनाता रहा। कभी 35 हजार तो कभी 40 हजार रुपये जमा कराने को कहा गया। उनका दावा है कि अब तक इलाज के नाम पर करीब साढ़े सात लाख रुपये जमा कराए जा चुके हैं, लेकिन मरीज की हालत जस की तस बनी हुई है।परिवार का आरोप है कि अब अस्पताल प्रबंधन मरीज को किसी दूसरे अस्पताल में ले जाने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है। आर्थिक रूप से परेशान परिजनों ने अस्पताल से जमा कराई गई धनराशि वापस करने और मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।सूचना पर सदर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत मिश्रा पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित परिजनों को समझाकर शांत कराया तथा दोनों पक्षों की बात सुनी। पुलिस ने कहा कि यदि परिजनों की ओर से लिखित शिकायत दी जाती है तो आरोपों की जांच कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है। आरोप परिजनों की ओर से लगाए गए हैं, जिनकी जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।