
पारदर्शी विकास ब्यूरो कुशीनगर | खरीफ सीजन-2026 में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यूरिया, डीएपी, एनपीके कॉम्प्लेक्स और एमओपी समेत सभी उर्वरकों की बिक्री निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर ही कराई जाए। अधिक कीमत वसूलने, जमाखोरी, कालाबाजारी और तस्करी में लिप्त पाए जाने वाले विक्रेताओं के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।डीएम ने कहा कि किसानों को उनकी कृषि जोत, फसल और आधार कार्ड के अनुसार ही उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने खाद के साथ किसी अन्य उत्पाद की अनिवार्य खरीद (टैगिंग) पर भी पूरी तरह रोक लगा दी है। यदि कोई दुकानदार किसानों को अन्य सामान खरीदने के लिए बाध्य करता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।प्रशासन ने उर्वरकों की उपलब्धता, भंडारण और बिक्री की निगरानी के लिए सभी विकास खंडों में अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। नामित अधिकारी नियमित निरीक्षण कर प्रतिदिन रिपोर्ट देंगे। पीओएस मशीन से पारदर्शी बिक्री व्यवस्था लागू की जाएगी और संदिग्ध रूप से अधिक मात्रा में खाद खरीदने वालों की सूची की जांच भी कराई जाएगी।जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।