
84 जगह धंसी सड़क | एक्सप्रेस-वे पर बड़ा खुलासा
तनिश सिंह
पारदर्शी विकास न्यूज़ उन्नाव। उत्तर प्रदेश का सबसे आधुनिक और हाईटेक बताया गया लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे उद्घाटन के महज 18 दिन बाद ही सवालों के घेरे में आ गया है। करीब 4700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एक्सप्रेस-वे पर कई स्थानों पर सड़क धंसने और लगातार मरम्मत कार्य चलने की तस्वीरें सामने आने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार एक्सप्रेस-वे के 84 स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है।परदर्शी विकास न्यूज़ की टीम मौके पर पहुंची तो कई जगह सड़क पर पैचवर्क और मरम्मत का कार्य जारी मिला।

कहीं जेसीबी मशीनों से क्षतिग्रस्त हिस्सों को हटाया जा रहा था तो कहीं नई गिट्टी और डामर बिछाया जा रहा था। बारिश के कारण कई स्थानों पर सड़क पर पानी भर गया था, जिसे निकालने और सतह को सुखाने के लिए कर्मचारी जुटे हुए थे। कुछ स्थानों पर बड़े-बड़े ब्लोअर और अन्य उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जा रहा था।स्थानीय लोगों का कहना है कि मीडिया के पहुंचते ही कुछ स्थानों से सड़क सुखाने के लिए लगाए गए उपकरण हटाए गए और मरम्मत कार्य तेज कर दिया गया। सड़क किनारे बनी कई नालियां भी क्षतिग्रस्त दिखाई दीं, जिससे वर्षा का पानी सीधे सड़क पर जमा हो रहा है। लोगों का आरोप है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से नई सड़क पर भी असर पड़ा है।एक्सप्रेस-वे पर लगातार चल रहे पैचवर्क ने निर्माण गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत उखड़ी हुई दिखाई दी, जबकि कुछ हिस्सों में नई मरम्मत के निशान साफ नजर आए। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कर जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।उधर, एनएचएआई ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित निर्माण कंपनी से भी जवाब मांगा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एक्सप्रेस-वे पर मरम्मत कार्य जारी है और अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।