
नाली निर्माण को 3 साल से भटक रहा हरीराम, पत्नी ने भी लगाई गुहार
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जनता की शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के आदेश पर तहसील प्रशासन के अधिकारी गंभीर नहीं हैं।गुंगवाछ का एक मूर्तिकार पिछले तीन साल से तहसील, कलेक्ट्रेट और मुख्यमंत्री के जनता दरबार तक चक्कर लगा चुका है, उसकी समस्या हल नहीं हो पाई है। पीड़ित ने एक बार फिर मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार की है। कोतवाली अमेठी के अन्तर्गत गुंगवाछ गांव का हरीराम जोरिया अपने नापदान के पानी की निकासी के लिए नाली के निर्माण को तीन साल से अधिकारियों की चौखट पर दौड़ रहा है। मुख्यमंत्री के जनता दरबार में गोरखपुर जाकर वहां भी प्रार्थना पत्र दे चुका है परन्तु अभी तक उसकी समस्या का निवारण नहीं हो पाया है। पड़ोसी उसे अंडर ग्राउंड नाली भी नहीं बनाने दे रहे हैं।हरीराम जोरिया ने बताया कि वह 17जनवरी 2023से लगातार दर्खास्तें दे रहा है।सौ से अधिक प्रार्थना पत्र दे चुका है।एस डी एम,डी एम की जनसुनवाई और सम्पूर्ण समाधान दिवस में कई बार जा चुका है,हर बार उसे निराशा हाथ लगी है। अधिकारी और कर्मचारी आते हैं, पड़ोसियों से मिलते हैं और उसके विरोध में रिपोर्ट लगाकर चले जाते हैं। हरीराम जोरिया ने बताया कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने गोरखपुर जनता दरबार में भी गया था किन्तु योगी महाराज से मुलाकात नहीं हो पाई। अधिकारियों ने उसकी दर्खास्त पर उल्टी जांच रिपोर्ट लगा कर भेज दिया है।हरीराम जोरिया का कहना है उसके घर के पास एक पुराना बड़ा गड्ढा है। पुश्तैनी समय से सब घरों का पानी इसी में जाता रहा है, परंतु खुली नाली की बात तो दूर पड़ोसी उसे अंडर ग्राउंड नाली भी नहीं बनाने दे रहे हैं।
हनुमान मंदिर और नेता जी की प्रतिमाओं का निर्माण किया
हरीराम जोरिया ने बताया कि उन्होंने गांव में कभी भी किसी का कोई नुक्सान नहीं किया ।दस साल पहले सड़क के किनारे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की मूर्ति बनाई।इस प्रतिमा पर अब हर वर्ष अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से 23जनवरी को जयंती मनाई जाती है।पास में सड़क के दूसरे किनारे पर पीपल के पेड़ के पास अपनी रोजी रोटी से पैसे बचाकर हनुमानजी के मंदिर का भी निर्माण किया है। गांव में किसी से कोई वैर नहीं फिर भी लोग उसे नाली नहीं बनाने दे रहे हैं।