
PARDARSHI VIKASH NEWS प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजली विभाग के एसडीओ अनुराग पांडेय के निलंबन आदेश को निरस्त करते हुए विभागीय जांच शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि केवल जांच लंबित होने के आधार पर किसी कर्मचारी को अनिश्चितकाल तक निलंबित नहीं रखा जा सकता, विशेषकर तब जब आरोप इतने गंभीर न हों कि उनके आधार पर कठोर दंड दिए जाने की संभावना बनती हो।यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने पारित किया। अदालत ने 19 फरवरी 2026 को जारी निलंबन आदेश को रद्द कर दिया।खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि सामान्य परिस्थितियों में न्यायालय निलंबन आदेशों में हस्तक्षेप नहीं करता, लेकिन यदि आरोपों की प्रकृति गंभीर नहीं है और कर्मचारी की सेवा में वापसी से विभागीय जांच प्रभावित होने की आशंका नहीं है, तो उसे निलंबित रखना उचित नहीं माना जा सकता।अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि याची अनुराग पांडेय की बहाली से जांच की निष्पक्षता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। साथ ही याची को निर्देश दिया गया है कि वह विभागीय जांच में पूरा सहयोग करें।हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी को निर्देशित किया है कि मामले की विभागीय जांच को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए। अदालत ने कहा कि यदि संभव हो तो जांच 60 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाए, ताकि मामले का शीघ्र निस्तारण हो सके।