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घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के लिए बड़ा कदम

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पारदर्शी विकास न्यूज़ नई दिल्ली। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा डीनोटिफाइड, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों (DNCs) के कल्याण और पहचान से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस संबंध में नीति आयोग की उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में एक विशेष समिति के गठन को मंजूरी दी गई है, जिसका उद्देश्य इन समुदायों के शेष वर्गीकरण कार्य को पूरा करना और उनके लिए कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना है।सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये समुदाय लंबे समय से सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े रहे हैं तथा अक्सर मुख्यधारा से दूर रहे हैं। इनकी सही पहचान और सूचीकरण को सुनिश्चित करने के लिए पूर्व में भी विभिन्न आयोगों और समितियों द्वारा कार्य किया गया है, लेकिन कई कार्य अभी भी अधूरे हैं।कैबिनेट ने 19 फरवरी 2019 को हुई बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके तहत डीनोटिफाइड, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के लिए एक विकास एवं कल्याण बोर्ड के गठन का निर्णय लिया गया। साथ ही इनके वर्गीकरण और पहचान प्रक्रिया को पूर्ण करने हेतु एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है।समिति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देशभर में ऐसे सभी समुदायों की पहचान पारदर्शी तरीके से की जाए, जो अब तक औपचारिक रूप से वर्गीकृत नहीं हो पाए हैं। इससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और प्रभावी रूप से मिल सकेगा।इस समिति में रमनाद राजभर का नाम भी शामिल किया गया है, जो समुदाय के प्रतिनिधित्व और नीति निर्माण प्रक्रिया में योगदान देंगे।सरकार के अनुसार इस पहल का मुख्य उद्देश्य सामाजिक न्याय को मजबूत करना, हाशिए पर खड़े समुदायों को मुख्यधारा में लाना और उनके जीवन स्तर में सुधार करना है। इसके लिए विशेष विकास रणनीति तैयार की जा रही है, जिसे आने वाले समय में लागू किया जाएगा।यह कदम सामाजिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे देश के वंचित वर्गों को अधिकारों और अवसरों का बेहतर लाभ मिल सकेगा।