
कैडर प्रशिक्षण से चुनावी रणनीति मजबूत करेगी बसपा
सितंबर में फाइनल किए जायेंगे बची हुई सीटों पर प्रत्याशी
संजीव भारती
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी के मामले में अन्य राजनीतिक दलों के मुकाबले स्वयं को मजबूत साबित करने के लिए बहुजन समाज पार्टी सितम्बर और अक्टूबर महीने में सेक्टर स्तरीय कैडर कैम्पों का आयोजन करेगी।जिन सीटों पर प्रत्याशी तय नहीं हुए हैं,उन पर प्रत्याशियों के चयन का काम सितंबर के महीने में पूरा किया जाएगा।तीन सितंबर को बहुजन समाज पार्टी एक और बड़ी बैठक करेगी।बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार को लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्षों, मंडल इकाइयों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों, संगठन की जमीनी स्थिति, संभावित प्रत्याशियों के चयन और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की प्रगति की समीक्षा की गई। मायावती ने पदाधिकारियों से पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की जानकारी लेते हुए संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने चुनावी तैयारियों को तेज और प्रभावी बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को चुनाव के दौरान मिलने वाले विभिन्न प्रकार के प्रलोभनों और विरोधी दलों के हथकंडों का मजबूती से मुकाबला करना होगा। उन्होंने जनता को लुभावने वादों और घोषणाओं से सावधान करते हुए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष होकर मतदान करने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया। बैठक में संभावित विधानसभा प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। साथ ही बूथ और पोलिंग बूथ स्तर की कमेटियों के पुनर्गठन, संगठन की आर्थिक मजबूती तथा सर्वसमाज में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने को लेकर पदाधिकारियों से क्षेत्रवार फीडबैक लिया गया। मायावती ने कहा कि पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत किए बिना चुनाव में बेहतर परिणाम हासिल करना संभव नहीं है। बसपा प्रमुख ने प्रदेश में बेरोजगारी, गरीबी, भ्रष्टाचार और मजबूरी में हो रहे पलायन के मुद्दे भी उठाए। उन्होंने कहा कि गरीब और पीड़ित परिवारों की समस्याओं का स्थायी समाधान होना चाहिए। मायावती ने दावा किया कि बसपा की पूर्व सरकारों में जनहित और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए सामाजिक परिवर्तन तथा आर्थिक मुक्ति के लिए लगातार काम किया गया। बैठक में बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम के 9 अक्टूबर को होने वाले परिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मायावती ने कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर आयोजित करने और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस बैठक को बसपा की ओर से मिशन-2027 की चुनावी तैयारियों को गति देने और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की महत्वपूर्ण कवायद माना जा रहा है।बैठक में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव और मीडिया मैनेजर सतीश चन्द्र मिश्र, प्रदेश अध्यक्ष विश्व नाथ पाल, दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह के पुत्र यूगेश सिंह, पूर्व सांसद घनश्याम चंद खरवार, मुनकाद अली, पूर्व नेता विधान परिषद दिनेश चन्द्रा, पूर्व एम एल सी भीमराव अम्बेडकर, पूर्व एम एल सी डा विजय प्रताप, नौशाद अली सहित सभी मुख्य मंडल प्रभारी और उत्तर प्रदेश के सभी 75जिलों के जिला अध्यक्ष मौजूद रहे।