
PARDARSHI VIKASH NEWS केंद्र सरकार ने पेट्रोल में 22% से 30% तक एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन (E22 से E30) को एक्साइज ड्यूटी से छूट देने का बड़ा फैसला लिया है। अभी देश में अधिकतर जगहों पर E20 पेट्रोल उपलब्ध है, जिस पर यह राहत लागू नहीं होगी। सरकार का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात को कम करना और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना है।एथेनॉल एक जैव ईंधन है जो गन्ने, मक्का और अन्य जैविक पदार्थों से तैयार किया जाता है और पेट्रोल में मिलाकर उपयोग किया जाता है। इससे प्रदूषण कम करने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद मिलती है।सरकार पहले ही E22, E25, E27 और E30 के लिए तकनीकी मानक (BIS स्टैंडर्ड) जारी कर चुकी है, जो 15 मई 2026 से लागू हैं। इससे अब उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के लिए तकनीकी और वित्तीय दोनों ढांचा तैयार हो गया है।हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार, एथेनॉल ब्लेंडिंग से कुछ पुरानी गाड़ियों में माइलेज में मामूली गिरावट हो सकती है, लेकिन सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ता। वहीं एथेनॉल की बढ़ती लागत के कारण पेट्रोल की कीमतों में तत्काल कमी की संभावना भी सीमित मानी जा रही है।सरकार का मानना है कि यह कदम तेल आयात पर निर्भरता घटाने और किसानों को वैकल्पिक आय का स्रोत देने की दिशा में अहम साबित होगा।