
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। कानपुर प्राणि उद्यान में कभी बच्चों और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही टॉय ट्रेन पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ी है। नवंबर 2022 में हुए दर्दनाक हादसे के बाद इस सेवा को रोक दिया गया था, लेकिन अब तक इसे दोबारा शुरू नहीं किया जा सका है। हैरानी की बात यह है कि शासन से अनुमति मिलने के बावजूद चिड़ियाघर प्रशासन खामियों को दूर नहीं कर पाया है, जिससे ट्रेन आज भी पटरी पर लौटने का इंतजार कर रही है।दरअसल, 26 नवंबर 2022 को चकेरी निवासी शिक्षिका अंजू शर्मा अपने परिवार के साथ चिड़ियाघर घूमने आई थीं। टॉय ट्रेन में चढ़ते समय अचानक ट्रेन चल पड़ी और प्लेटफॉर्म पर लगे पोल से टकराकर वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंस गईं। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनकी मौत हो गई। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।हादसे के बाद शासन ने जांच कराई, जिसमें प्लेटफॉर्म पर लगे पोल को असुरक्षित पाया गया। साथ ही ट्रैक की लेवलिंग, सुरक्षा मानकों और ट्रेन संचालन में खामियां सामने आईं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए ड्राइवर के साथ अतिरिक्त कर्मचारी की तैनाती जरूरी है। इन कमियों को दूर करने के निर्देश देते हुए साल 2024 में ट्रेन दोबारा शुरू करने की अनुमति दे दी गई थी।इसके बावजूद, दो साल बीतने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। टॉय ट्रेन का ट्रैक अब जर्जर हो चुका है, कई जगह पटरियों के नीचे से मिट्टी खिसक गई है और झाड़ियां उग आई हैं। प्लेटफॉर्म पर लगा वही पोल आज भी नहीं हटाया गया है, जिससे हादसा हुआ था। ट्रेन का इंजन और बोगियां रखरखाव के अभाव में खराब होने लगी हैं और धूल फांक रही हैं।करीब 1.4 किलोमीटर के दायरे में चलने वाली इस टॉय ट्रेन में एक इंजन और चार बोगियां थीं, जिनमें 84 यात्रियों के बैठने की क्षमता थी। 2014 में शुरू हुई यह सेवा बच्चों और परिवारों के बीच बेहद लोकप्रिय थी। लेकिन हादसे के बाद से यह पूरी तरह बंद है और अब इसकी बहाली को लेकर कोई ठोस समयसीमा तय नहीं है। चिड़ियाघर प्रशासन भी यह स्पष्ट नहीं कर पा रहा है कि आखिर ट्रेन कब तक दोबारा शुरू हो पाएगी। इससे पर्यटकों, खासकर बच्चों में निराशा है। सवाल यह है कि जब शासन ने अनुमति दे दी है, तो आखिर सुरक्षा सुधार और मरम्मत कार्य में देरी क्यों हो रही है। फिलहाल, टॉय ट्रेन की बंदी और बदहाल स्थिति चिड़ियाघर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है। यदि जल्द सुधार कार्य नहीं हुआ, तो यह आकर्षण पूरी तरह खत्म होने की कगार पर पहुंच सकता है।
ट्रेन को जल्द शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी जगह- जगह पटरी और पुल क्षतिग्रस्त है। ट्रैक और ट्रेन की कई जांच करने के बाद टेंडर किया जाएगा। HBTU की टेक्निकल टीम से जांच करवाने के बाद तय मानक के अनुसार ट्रेन को शुरू किया जाएगा। इस बार पीछे एक गार्ड के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। उम्मीद है इस ट्रेन को इस साल के अंत तक शुरू कर देंगे।-डायरेक्टर कन्हैया पटेल