
PARDARSHI VIKASH NEWS प्रयागराज। संगम नगरी में पिछले 15 वर्षों के दौरान शहरी विस्तार और विकास की रफ्तार तेज हुई है। इसका असर जनगणना के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। हाल ही में पूरी हुई मकान गणना के अनुसार जिले में करीब ढाई लाख नए मकान जुड़े हैं। जनगणना के प्रथम चरण का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि सत्यापन और समीक्षा की प्रक्रिया 20 जून तक चलेगी।जिला जनगणना अधिकारी एवं एडीएम (वित्त एवं राजस्व) विनीता सिंह ने बताया कि मकानों की गणना का कार्य पूरा हो चुका है। इसके अनुसार प्रयागराज जिले में अब मकानों की कुल संख्या बढ़कर 12 लाख 12 हजार हो गई है। वहीं जिले की अनुमानित आबादी 71.10 लाख तक पहुंच गई है।वर्ष 2011 की जनगणना में जिले में 9.68 लाख मकान और 59.59 लाख आबादी दर्ज की गई थी। इस हिसाब से 15 वर्षों में मकानों की संख्या में करीब 2.44 लाख और आबादी में लगभग 11 लाख की वृद्धि हुई है।5 मई से 20 मई तक चले स्व-गणना अभियान में करीब 49 हजार लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कराई। इसके बाद 21 मई से मकान सूचीकरण का कार्य शुरू हुआ। अभियान को पूरा करने के लिए जिले में 3,069 प्रगणक और 548 सुपरवाइजर तैनात किए गए थे।अधिकारियों के अनुसार, अब मकानों के सत्यापन और समीक्षा का कार्य किया जाएगा। इस दौरान यदि कोई मकान सूचीकरण से छूट गया है तो उसे रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र, तहसीलों और नगर पंचायतों में अलग-अलग चार्ज बनाकर समीक्षा प्रक्रिया पूरी की जा रही है।इस बार जनगणना में मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा फीडिंग की गई, जिससे प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित बनाया गया। अभी घूमंतू परिवारों, मठ-मंदिरों के आसपास रहने वाले लोगों तथा सड़कों और रेलवे स्टेशन के किनारे रहने वालों की गणना बाकी है।अधिकारियों का अनुमान है कि इन वर्गों की गणना के बाद जिले की आबादी 72 से 73 लाख तक पहुंच सकती है। हालांकि अंतिम और आधिकारिक जनसंख्या आंकड़ा फरवरी 2027 में होने वाली जनसंख्या गणना के बाद जारी किया जाएगा।