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भीषण गर्मी के बीच धूल प्रदूषण से बिगड़ती हवा

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। शहर में 43°C से अधिक तापमान के बीच धूल प्रदूषण और अव्यवस्थित निर्माण कार्यों ने हालात और खराब कर दिए हैं। कई इलाकों में सड़कें खुदी होने, निर्माण सामग्री खुले में पड़े रहने और नियमित सफाई व्यवस्था के अभाव के कारण पूरे शहर में धूल का गुबार देखा जा रहा है, जिससे दृश्यता भी प्रभावित हो रही है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई सड़कों पर लगातार खुदाई और निर्माण कार्य चल रहे हैं, लेकिन उन्हें ढकने या धूल नियंत्रण के पर्याप्त उपाय नहीं किए जा रहे हैं। इसके चलते वाहनों की आवाजाही से धूल हवा में फैल रही है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।शहरवासियों का यह भी कहना है कि वर्तमान में केवल पारंपरिक सफाई व्यवस्था अपनाई जा रही है, जिसमें सड़क पर झाड़ू लगाने से धूल कम होने के बजाय अधिक उड़ने लगती है। इससे प्रदूषण स्तर और बढ़ जाता है।विशेषज्ञों के अनुसार, धूल नियंत्रण के लिए पानी के छिड़काव, निर्माण स्थलों को ढकने, यांत्रिक सफाई मशीनों और हरियाली बढ़ाने जैसे उपाय जरूरी हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका पर्याप्त पालन नहीं हो रहा है।नागरिकों ने कहा कि कई गर्म और रेगिस्तानी देशों में भी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से धूल नियंत्रण सफलतापूर्वक किया जाता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर अभी भी पारंपरिक तरीकों पर निर्भरता बनी हुई है।लोगों ने मांग की है कि शहर में निर्माण कार्यों की निगरानी बढ़ाई जाए, धूल नियंत्रण नियमों को सख्ती से लागू किया जाए और नियमित रूप से पानी के छिड़काव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि गर्मी के इस मौसम में लोगों को राहत मिल सके।