news-details

बिधूना सीट पर सवर्ण बनाम पिछड़ा समीकरण चर्चा में

You can share this post!

 

पारदर्शी विकास न्यूज़ बिधूना (औरैया)। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बिधूना विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। क्षेत्र में सवर्ण और पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि पिछले कई चुनावों से इस सीट पर पिछड़े वर्ग के नेताओं का प्रभाव बना हुआ है, जबकि सवर्ण समाज के कई दावेदार विभिन्न राजनीतिक दलों से टिकट पाने के प्रयास में जुटे हैं।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि क्षेत्र की सामाजिक संरचना और जातीय समीकरणों को देखते हुए प्रमुख दल उम्मीदवार चयन में विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। इसी कारण अधिकांश दल पिछले चुनावों में पिछड़े वर्ग के प्रत्याशियों को प्राथमिकता देते रहे हैं। हालांकि कुछ मौकों पर सवर्ण उम्मीदवारों को भी टिकट मिला, लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।वहीं, सवर्ण समाज के कई स्थानीय नेताओं का दावा है कि क्षेत्र में उनका जनाधार लगातार मजबूत हो रहा है और 2027 के चुनाव में परिस्थितियां बदल सकती हैं। उनका कहना है कि यदि योग्य और जनहितैषी उम्मीदवार को अवसर मिला तो सवर्ण समाज एक बार फिर इस सीट पर जीत दर्ज कर सकता है।फिलहाल बिधूना की राजनीति में टिकट की दावेदारी और जातीय समीकरण चर्चा का प्रमुख विषय बने हुए हैं। अंतिम तस्वीर राजनीतिक दलों द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।