
संघ तय करेगा भाजपा का टिकट
संजीव भारती
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ/अमेठी। उत्तर प्रदेश की हाट विधानसभा सीट अमेठी की भविष्य की राजनीति को लेकर सोशल मीडिया पर तरह तरह की चर्चाएं हैं। भाजपा और सपा से टिकट हासिल करने के दावेदार बड़े नेताओं की परिक्रमा में लगे हुए हैं। सपा की सिटिंग विधायक महराजी प्रजापति से सीट छीनने के लिए भाजपा इस बार महिला प्रत्याशी उतार सकती है। सपा और भाजपा से आधा दर्जन महिलाएं जोर आजमाइश कर रही हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 भले अभी दूर हों, लेकिन अमेठी विधानसभा सीट पर टिकट की राजनीति ने अभी से गति पकड़ ली है। सत्तारूढ़ भाजपा और मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी दोनों में संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। राजनीतिक गलियारों में यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है कि क्या सपा मौजूदा विधायक महाराजी प्रजापति पर फिर भरोसा जताएगी और भाजपा किस चेहरे पर दांव लगाएगी। अमेठी से वर्तमान विधायक महाराजी प्रजापति हैं। हाल के महीनों में उनके नाम को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर चर्चाएं हुई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके पास मौजूदा विधायक होने का लाभ है, लेकिन टिकट को लेकर अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और स्थानीय समीकरणों पर निर्भर करेगा। हाल ही में उनके आवास पर हुए विवाद ने भी उन्हें फिर से राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया।भाजपा में टिकट की दौड़ अपेक्षाकृत अधिक रोचक दिखाई दे रही है। पूर्व उम्मीदवार डॉ संजय सिंह का नाम स्वाभाविक रूप से चर्चा में है। 2022 में वे भाजपा प्रत्याशी रहे थे और सीट पर उनका व्यक्तिगत प्रभाव माना जाता है।इसके साथ ही गरिमा सिंह का नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में शामिल है। यदि भाजपा महिला उम्मीदवार उतारने की रणनीति अपनाती है तो उन्हें मजबूत दावेदार माना जा सकता है।स्थानीय राजनीतिक हलकों में रश्मि सिंह का नाम भी तेजी से उभरा है। रश्मि सिंह पहले अमेठी विधानसभा से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुकी हैं और हाल के वर्षों में उनकी राजनीतिक सक्रियता बढ़ी है। भाजपा यदि स्थानीय महिला नेतृत्व और नए संगठनात्मक चेहरे के संयोजन पर विचार करती है तो उनका दावा मजबूत हो सकता है। भारतीय जनता पार्टी के टिकट का निर्णय पिछले विधानसभा चुनाव में भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने तय किया था।इस बार भी अंतिम फैसला नागपुर पावर हाउस से होना है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार संघ ने अभी तक तीन नामों का पैनल तैयार किया है , इसमें पूर्व में रनर रहे डा.संजय सिंह, पूर्व प्रत्याशी रश्मि सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि के नाम शामिल हैं।
कांग्रेस क्या करेगी?
2024 लोकसभा चुनाव में अमेठी से कांग्रेस की वापसी ने कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाया है। अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा का प्रभाव संगठन में बढ़ा है और माना जा रहा है कि विधानसभा टिकटों के चयन में उनकी राय महत्वपूर्ण होगी। हालांकि कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती ऐसा स्थानीय चेहरा खड़ा करना है जो भाजपा और सपा दोनों को सीधी चुनौती दे सके।टिकट के सभी दावेदार पार्टी संगठन के कार्यों से इतर स्वयं की जमीन तैयार करने के लिए जनसंपर्क करने और मतदाताओं के बीच पैठ बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं। अपनी पार्टी से टिकट न मिलने पर टिकट न मिलने पर पार्टी नेता 2027के चुनाव में पाला बदल खेल में भी शामिल हो सकते हैं।

प्रमुख दावेदार
- भाजपा: पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजय सिंह, अमीता सिंह, राजेश अग्रहरि, काशी प्रसाद तिवारी, सुधांशु शुक्ल प्रवीण कुमार सिंह,अमरेन्द्र सिंह पिंटू शाम्भवी सिंह, आकांक्षा सिंह,गिरीश पति त्रिपाठी
- समाजवादी पार्टी: महाराजी प्रजापति,शिव प्रताप यादव , हीरालाल यादव, मनीराम वर्मा, जयसिंह प्रताप यादव, गुंजन सिंह
- कांग्रेस : आशीष शुक्ल,डा अरविंद चतुर्वेदी,आकर्ष शुक्ल,डा नरेन्द्र मिश्र, मुन्ना सिंह त्रिशुंडी
- बसपा: जितेन्द्र मिश्र