
पारदर्शी विकास न्यूज़ बाँदा। जैन समाज ने साधू संतों की सुरक्षा एवं राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति एवं आर्यिका माता जी दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की। बता दें की मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पैदल गमन कर रही जैन साध्वी की सड़क हादसे में निधन हो गया। जैन साधू संत पैदल विहार करते हैं वह निहत्थे चलते हैं वे किसी प्रकार की सुरक्षा या भौतिक सुविधाओं का उपयोग नहीं करते तथा समाज में शांति,संयम, करुणा और अहिंसा का सन्देश प्रसारित करते हैं ऐसे संतों के साथ निरंतर बढ़ती दुर्घटनाये एवं हमले सम्पूर्ण समाज के लिए चिंतजानक विषय है। जैन समाज का आरोप है की मिले साक्षो, तथ्यों एवं वीडियो क्लिप के आधार पर ये दुर्घटना नहीं हत्या है, जिसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए एवं दोषियों के खिलाफ सख्त कारवाही होनी चाहिए। साथ ही संत सुरक्षा प्रोटोकाल तुरंत लागू किया जाये ताकि जिन मार्गाे पर जैन साधु भ्रमण कर रहें है वहां उन्हें विशेष सुरक्षा व्यवस्था मिल सके। इसीलिए राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाई जाये एवं संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाये साथ ही प्रशासन एवं समाज के बीच समन्वय तंत्र स्थापित किया जाये। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो