news-details

22 साल बाद फर्जी नौकरी का हुआ अंत

You can share this post!

 

PARDARSHI VIKASH NEWS उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग में वर्ष 2004 की विवादित भर्ती प्रक्रिया से जुड़े तीन वरिष्ठ सहायकों को इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर बर्खास्त कर दिया गया। यह कार्रवाई करीब 22 साल बाद हुई, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है। बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में आईटीआई नैनी प्रयागराज के अजय कुमार सिंह, आईटीआई मिर्जापुर के अमर कुमार और आईटीआई अलीगंज लखनऊ के अनिल कुमार शामिल हैं।मामला वर्ष 2004 में प्रयागराज आईटीआई में कनिष्ठ सहायक पदों की भर्ती से जुड़ा था। आरोप था कि नियमों को ताक पर रखकर बैकडोर तरीके से नियुक्तियां की गईं। जांच में सामने आया कि एक अभ्यर्थी को ओवरएज होने के बावजूद नौकरी दी गई, जबकि दूसरे ने फर्जी खेल प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किया। इसके अलावा बिना वेटिंग लिस्ट के तीसरे अभ्यर्थी को भी नियुक्त कर लिया गया।भर्ती में अनियमितताओं की शिकायत के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा। लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी चयन रद्द करते हुए संबंधित कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने का आदेश दिया। निदेशालय के निर्देश पर संबंधित संस्थानों ने तत्काल प्रभाव से तीनों कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया।