
पारदर्शी विकास न्यूज़ उन्नाव। कानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-27) पर करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क और गदनखेड़ा ओवरब्रिज की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। करीब 92 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए विशेष मरम्मतीकरण कार्य के महज दो वर्ष के भीतर सड़क उखड़ने लगी है, जबकि 1,640 मीटर लंबे गदनखेड़ा ओवरब्रिज पर भी कई स्थानों पर क्षति दिखाई देने लगी है।स्थिति को देखते हुए कार्यदायी संस्था ने ओवरब्रिज की एक लेन पर यातायात रोककर मरम्मत कार्य शुरू करा दिया है। बताया जा रहा है कि वर्ष 2021 में ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हुआ था और 2024 में इसे यातायात के लिए खोला गया था। इस परियोजना पर करीब 64 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।ओवरब्रिज पर जगह-जगह क्षति और लोहे के गार्डर दिखाई देने के बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।वहीं, मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि "सड़क बनती है तो समय के साथ खराब भी होती है।" उन्होंने बताया कि संबंधित एजेंसी द्वारा मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है।फिलहाल कार्यदायी संस्था क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत में जुटी है, जबकि सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।