
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। जिले के परिषदीय विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना की कन्वर्जन कॉस्ट और रसोइयों के मानदेय का भुगतान पिछले पांच महीने से नहीं हुआ है। भुगतान में देरी के चलते विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता बनाए रखना चुनौती बन गया है। प्रधानाध्यापक सामग्री खरीदने के लिए परेशान हैं और दुकानदारों से उधार में सामान भी नहीं मिल पा रहा है।मध्यान्ह भोजन योजना के तहत खाद्यान्न का आवंटन त्रैमासिक आधार पर होता है, लेकिन कन्वर्जन कॉस्ट के भुगतान के लिए कोई निश्चित अवधि निर्धारित नहीं है। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की ओर से मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण से मासिक भुगतान की व्यवस्था लागू करने का आग्रह भी अब तक बेअसर रहा है।इस महीने से भुगतान के लिए एसएनए-स्पर्श प्रणाली लागू की गई है। इसके चलते भुगतान प्रक्रिया में देरी की बात सामने आ रही है। बताया गया कि कन्वर्जन कॉस्ट और रसोइयों के मानदेय के बिल चार दिनों से कोषागार में लंबित हैं।एमडीएम डीसी अरुण त्रिपाठी ने बताया कि मध्यान्ह भोजन की कन्वर्जन कॉस्ट और रसोइयों के मानदेय से संबंधित सभी बिल शनिवार को ही कोषागार में लगा दिए गए थे। नई भुगतान व्यवस्था लागू होने के कारण प्रक्रिया में समय लग रहा है। भुगतान न होने से विद्यालयों में योजना के सुचारु संचालन को लेकर परेशानी बनी हुई है।