
स्थलीय जांच में अधूरे पाए गए हैं पांच साल पहले के काम
चेयरमैन और महेश सोनी के बीच शीत युद्ध सुर्खियों में, धीमी जांच पर लोगों ने उठाए सवाल
संजीव भारती
अमेठी। नगर पंचायत अमेठी में पांच साल पहले नालों के निर्माण और भुगतान में अनियमितता और भ्रष्टाचार की जांच काफी समय बाद शुरू हुई है। चेयरमैन अंजू कसौंधन और बोर्ड के अनुरोध पर डी एम की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने स्थलीय निरीक्षण के बाद जांच शुरू कर दी है। जांच को लेकर चेयरमैन और महेश कांस्ट्रशन कमेटी के मालिक महेश सोनी के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज है। चेयरमैन अंजू कसौंधन और ईओ की ओर से 2019-20में नाला निर्माण के कार्यों में भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद महेश सोनी कांस्ट्रक्शन कम्पनी और आर के ट्रेडर्स को नोटिस जारी की गई है।आर के ट्रेडर्स ने नोटिस लौटा दी है, जबकि महेश सोनी की ओर से चेयरमैन पर झूठी जांच के आरोप लगाए जा रहे हैं। जांच कमेटी में एस डी एम अमेठी, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा, सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग को रखा गया है। चेयरमैन के प्रतिनिधि फूलचंद कसौंधन ने बताया कि फर्म के नाम टेंडर होते समय एफ डी लगती है। काम पूरा नहीं हुआ है।एफ डी बैंक में लगी हुई है, जबकि सेकुरिटी वापस ले ली गई है। उधर महेश सोनी का कहना है कि दुर्गापुर रोड पर नाले का निर्माण चल रहा है,काम मानक के अनुरूप नहीं है,नाले की जांच से ध्यान भटकाने के लिए चेयरमैन द्वारा मुझपर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके अपना पक्ष स्पष्ट किया है। इस प्रकरण के बारे में जानकारी के लिए अधिशासी अधिकारी डॉ शिवमूर्ति को कई बार फोन किया गया उन्होंने फोन नहीं उठाया।
मेरी फर्म पर लगाए गए आरोप निराधार -महेश सोनी
हमारी फर्म द्वारा कराए गए कार्य का भुगतान तत्कालीन नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमा देवी जी, PWD के सहायक अभियंता, अवर अभियंता एवं अधिशासी अधिकारी द्वारा स्थलीय जांच व सत्यापन के उपरांत ही किया गया था। इससे संबंधित समस्त अभिलेख हमारे पास सुरक्षित उपलब्ध हैं। नगर में दुर्गापुर रोड पर बन रहे नाले की कार्यप्रगति एवं गुणवत्ता को लेकर मैंने स्वयं जिलाधिकारी महोदय, अमेठी से जांच की मांग की है। मेरा स्पष्ट आरोप है कि एस्टिमेट के अनुरूप मौके पर 30 प्रतिशत कार्य भी नहीं किया गया है, जिसकी जांच वर्तमान में प्रचलित है। इसी जांच से ध्यान भटकाने के उद्देश्य से मेरे ऊपर पुराने कार्यों को लेकर अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं। मैं किसी भी जांच से पीछे नहीं हट रहा हूँ। जांच रिपोर्ट आने दीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा और सच्चाई स्वयं अमेठी की जनता के सामने आ जाएगी।
महेश सोनी की ओर से नगर पंचायत द्वारा निर्मित कराए गए नालों के निर्माण में गड़बड़ी की शिकायतें बार बार की जा रही थीं। बोर्ड की बैठक में सारे कार्यों की जांच कराने का निर्णय लिया गया और चेयरमैन और बोर्ड के सदस्यों ने डी एम से मुलाकात करके पत्र दिया और सभी कार्यों की जांच का अनुरोध किया।डी एम के आदेश पर तीन सदस्यीय जांच समिति जांच शुरू कर चुकी हैं।प्रथम दृष्टया महेश कांस्ट्रक्शन कम्पनी की ओर से गड़बड़ी सामने आई है।काम अभी अधूरा पड़ा है।एफ डी बैंक में फर्म की फाइल में लगी हुई है और जमानत धनराशि ठेकेदार द्वारा वापस ले ली गई है। महेश सोनी गलत आरोप लगा रहे हैं,यदि हमारी बात ग़लत और झूठ है तो वे मेरे/चेयरमैन के विरुद्ध मानहानि का दावा कर सकते हैं।अब जांच चल रही है,जो भी दोषी पाया जाएगा,चाहे अधिकारी और कर्मचारी हो या फर्म सबके विरुद्ध कार्रवाई कराई जाएगी।
फूल चंद्र कसौंधन, प्रतिनिधि ,अंजू कसौंधन ,चेयरमैन, नगर पंचायत अमेठी