
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ/अमेठी । विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के मौके पर वरिष्ठ चिकित्सक एवं डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. नीरज वर्मा ने हाई ब्लड प्रेशर को “साइलेंट किलर” बताते हुए लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली और तनाव के कारण हाई बीपी के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं और लगभग हर परिवार में इस बीमारी से पीड़ित लोग मिल रहे हैं। डॉ. वर्मा ने बताया कि अनियंत्रित हाई बीपी से हार्ट अटैक, हार्ट फेल्योर, स्ट्रोक, किडनी और आंखों की गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही रक्तवाहिकाओं को भी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए इसे “साइलेंट किलर” कहा जाता है।उन्होंने बताया कि अधिक नमक का सेवन, तनाव, मोटापा, धूम्रपान, शराब, जंक फूड और डायबिटीज हाई बीपी के प्रमुख कारण हैं। बचाव के लिए नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, संतुलित खानपान और तनाव मुक्त जीवनशैली बेहद जरूरी है।डॉ. वर्मा ने सलाह दी कि 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करानी चाहिए। प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें, नमक और तैलीय भोजन कम लें, हरी सब्जियां और फल अधिक खाएं। साथ ही योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करें।विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया में करीब 1.4 अरब लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं। भारत में भी करोड़ों लोग इसकी चपेट में हैं। डॉ. वर्मा ने कहा कि सुरक्षित जीवन के लिए स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है।
सुरक्षित जीवन के लिए स्वास्थ्य पर ध्यान रखना सबसे जरूरी है। भारत में 20करोड से अधिक लोग हाई वीपी से ग्रस्त हैं। इनमें से 10से 12फीसदी ही नियंत्रित हो पाते हैं।40वर्ष से अधिक आयु के लोगों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
डा नीरज वर्मा