
पारदर्शी विकास न्यूज़ सुल्तानपुर। स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय संगठक कश्मीरी लाल ने कहा कि भारत को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला उद्यमी बनना होगा। वह राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्वावलंबी भारत अभियान के तहत आयोजित उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी, स्थानीय संसाधनों और कौशल को उद्यमिता से जोड़कर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। युवाओं को सीमित संसाधनों में भी संकल्प और परिश्रम के साथ अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया।काशी प्रांत के संयोजक डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने स्वदेशी, कौशल विकास, स्टार्टअप, स्वरोजगार और जैविक उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। सम्मेलन की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दिनेश प्रताप त्रिपाठी ने की। धर्मेंद्र द्विवेदी ने संचालन किया।कार्यक्रम में उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों और छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। रोजगार सृजन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों और सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने युवाओं से स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।