
Pardarshi Vikas News Amethi
उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ला सोमवार को सुल्तानपुर पहुंचे। यहां कलेक्ट्रेट में एक प्रेस वार्ता के दौरान गोवंश के संरक्षण और तस्करी को रोकने के लिए सरकार की प्रतिबद्धताओं को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गोवंश की सुरक्षा के लिए अत्यंत गंभीर है।
उन्होंने गो-हत्या को रोकने के लिए चल रहे धार्मिक और सामाजिक अभियानों के संदर्भ में उन्होंने गो सेवा आयोग की ओर से पूर्ण नैतिक समर्थन की बात कही। "प्रदेश में जिस तरह से हत्या और लूट जैसे अपराधों पर लगाम कसी गई है, उसी तरह गोवंश की सुरक्षा के लिए भी सरकार पूरी तरह कटिबद्ध है। कानून का उल्लंघन करने वालों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।"
भीषण गर्मी को देखते हुए उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गोशालाओं में गोवंश को लू और धूप से बचाने के लिए उचित प्रबंध किए जाएं। छप्परों के नीचे पुआल या थर्माकोल की व्यवस्था करने के साथ-साथ उनके लिए शुद्ध पेयजल और हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जिले के विभिन्न क्षेत्र कूरेभार, मोतिगरपुर, अखंडनगर) में गो-तस्करी की घटनाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 'गो-वध अधिनियम 1955' (संशोधित 2020) के तहत दोषियों के खिलाफ 10 साल की सजा और 5 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
उन्होंने किसी भी प्रकार की प्रशासनिक मिलीभगत से इनकार करते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय हैं। विभिन्न जनपदों में अपराधियों के खिलाफ मुठभेड़ और कठोर दंडात्मक कार्रवाइयां इसका प्रमाण हैं।
शुक्ला ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके पास गो-तस्करी या गोवंश के प्रति क्रूरता करने वाले किसी भी गिरोह या व्यक्ति की जानकारी हो, तो वे प्रशासन को सूचित करें ताकि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।