
पारदर्शी विकास न्यूज़ देहरादून। अखिल भारतीय आदिवासी कश्यप, कहार, निषाद, भोई, केवट, कोली, धीवर समन्वय समिति का 18वां राष्ट्रीय सम्मेलन 3 अक्टूबर को सेलाकुई स्थित चौधरी फार्म हाउस में आयोजित हुआ। सम्मेलन में 24 राज्यों के 400 से अधिक प्रतिनिधियों और समाज के प्रमुख नेताओं ने भाग लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री राज भूषण निषाद, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति, राज्यसभा सांसद बाबू राम निषाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजाराम कश्यप, कैलाश नाथ निषाद, बाबा मार्तंड सिंह निषाद समेत अन्य पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।सांसद बाबू राम निषाद ने निषाद, केवट, मल्लाह, कहार और धीवर समाज को अनुसूचित जनजाति में शामिल कर आरक्षण देने की मांग रखी। राज भूषण निषाद ने समाज को शिक्षा, संगठन और संघर्ष के माध्यम से आगे बढ़ने का आह्वान किया। साध्वी निरंजन ज्योति ने समाज की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करने की बात कही।कैलाश नाथ निषाद ने समाज के अधिकारों और ऐतिहासिक पहचान से जुड़े मुद्दे उठाए। सम्मेलन में पूरे भारत में निषाद जाति की कोडिंग कर आदिवासी दर्जा देने और पारंपरिक मछुआरों को 90 प्रतिशत अनुदान देने समेत मांगें रखी गईं। सरजू केवट ने पारंपरिक मछुआरों के लिए सब्सिडी और राजनीतिक भागीदारी की मांग की।