
पारदर्शी विकास न्यूज़ कादीपुर/सुल्तानपुर। जिला प्रशासन ने शनिवार को एक शातिर अपराधी गुफरान अहमद को 6 महीने के लिए जिला बदर कर दिया है। शनिवार को दोपहर पुलिस ने अपराधी के घर पर न सिर्फ नोटिस चस्पा कराया बल्कि क्षेत्र में मुनादी भी कराया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राकेश सिंह की अदालत ने यह आदेश जारी किया। यह कार्रवाई योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत की गई है।गुफरान अहमद कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खन्डौरा का निवासी है। वह इलाके में एक आदतन और शातिर अपराधी के रूप में सक्रिय था। पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर की रिपोर्ट और कादीपुर इंस्पेक्टर की जांच आख्या के आधार पर अदालत ने पाया कि गुफरान अहमद समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुका था।आरोपी गुफरान अहमद के खिलाफ कादीपुर थाने में कई गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि गुफरान अहमद एक आदतन अपराधी (गुंडा) है, जिसके खौफ के कारण आम जनता उसके खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाती है। उसका जिले में स्वतंत्र घूमना जनहित और शांति व्यवस्था के लिए हानिकारक है। एडीएम राकेश सिंह ने उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह कार्रवाई की।निष्कासन की 6 महीने की अवधि के दौरान गुफरान अहमद सुल्तानपुर जिले में निवास नहीं कर सकेगा और न ही जिले की सीमा में प्रवेश का प्रयास करेगा। उसे केवल अदालत में पेशी के दिन ही पूर्व अनुमति के साथ जिले में प्रवेश की अनुमति होगी। इस दौरान वह कोई भी आग्नेयास्त्र नहीं रख सकेगा। आरोपी को कादीपुर थानाध्यक्ष के समक्ष 50,000 रुपये का बंधपत्र भी प्रस्तुत करना होगा।यदि आरोपी ने जिला बदर के इस आदेश का उल्लंघन किया या सुल्तानपुर की सीमा में पाया गया, तो उसके खिलाफ गुंडा एक्ट की धारा 10 और 11 के तहत सीधे जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।