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शिक्षक हितों की आवाज बने एमएलसी अरुण पाठक

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर लखनऊ में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में एमएलसी अरुण पाठक ने शिक्षक हित से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए। बैठक में बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिवों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पुरानी पेंशन, स्थानांतरण, शिक्षा मित्रों और वित्त विहीन शिक्षकों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।अरुण पाठक ने मांग की कि 28 मार्च 2005 से पहले विज्ञापित पदों पर बाद में चयनित सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 7 अगस्त 1993 से 30 दिसंबर 2000 के बीच तदर्थ नियुक्त और बाद में विनियमित शिक्षकों की तदर्थ सेवा को जोड़कर पुरानी पेंशन का लाभ देने की मांग भी रखी गई।राजकीय शिक्षकों के स्थानांतरण को सरल और पारदर्शी बनाने तथा वर्ष 2026-27 में चार प्रतिशत विभागीय कोटे के तहत स्थानांतरण का रास्ता खोलने की मांग की गई।शिक्षा मित्रों के मुद्दे पर भी अरुण पाठक ने विशेष टीईटी परीक्षा में उन्हें शामिल करने तथा सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष करने की मांग उठाई। इसके साथ ही शिक्षा मित्रों के स्थानांतरण संबंधी आदेशों का सभी जिलों में प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने की बात कही।बैठक में व्यावसायिक शिक्षा के शिक्षकों और वित्त विहीन शिक्षकों के लिए नियमावली बनाने सहित अन्य मांगें भी रखी गईं। संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अरुण पाठक ने कहा कि शिक्षकों की जायज मांगों और अधिकारों के लिए वह लगातार शासन स्तर पर आवाज उठाते रहेंगे।::