
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। बिल्हौर तहसील में सर्पदंश से 12 वर्षीय बच्ची की मौत के बाद डेढ़ साल से लंबित मुआवजा प्रकरण का निस्तारण जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद कर दिया गया। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर 24 घंटे के भीतर पीड़ित परिवार को सहायता राशि स्वीकृत कर बैंक खाते में भेज दी गई।ग्राम बिलखरी निवासी देशराज की बेटी शिखा की 26 अक्टूबर 2024 को सर्पदंश से मौत हो गई थी। परिजनों ने दैवीय आपदा राहत योजना के तहत मुआवजे के लिए आवेदन किया था, लेकिन मामला लंबे समय तक लंबित रहा।परिजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सर्पदंश से मौत की पुष्टि के बावजूद विसरा रिपोर्ट के नाम पर प्रकरण को टाला जाता रहा, जिससे परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।मामला जनता दर्शन में पहुंचने के बाद डीएम ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। जांच में सभी दस्तावेजों के आधार पर सर्पदंश से मौत की पुष्टि हुई, जिसके बाद राहत राशि स्वीकृत कर दी गई।डीएम ने देरी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित लेखपाल से स्पष्टीकरण तलब किया है और भविष्य में ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।