
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। लखनऊ नगर निगम में रविवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब सपा नेता ललित तिवारी ने पार्षद पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद हाईकोर्ट के आदेश से फ्रीज किए गए मेयर के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार बहाल हो गए।यह शपथ नगर निगम कार्यालय के मेयर चैंबर में नगर आयुक्त और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में दिलाई गई। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद मेयर के अधिकार अस्थायी रूप से फ्रीज कर दिए गए थे।ललित तिवारी को 2023 के निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी से हारने के बाद कोर्ट के आदेश पर विजेता घोषित किया गया था। मामले में नामांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर याचिका दाखिल की गई थी।मेयर सुषमा खर्कवाल ने बताया कि स्वास्थ्य कारणों और पूर्व कार्यक्रमों के चलते शपथ में देरी हुई, जिसके बाद कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए प्रक्रिया पूरी की गई।शपथ ग्रहण के बाद ललित तिवारी ने इसे न्याय की जीत बताते हुए कहा कि वह अपने वार्ड की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाएंगे। वहीं कांग्रेस पार्षदों ने भी कोर्ट के आदेश के पालन को सही कदम बताया।नगर निगम के अनुसार शपथ पूरी होते ही मेयर के सभी प्रशासनिक अधिकार पुनः बहाल हो गए हैं।
BJP प्रत्याशी प्रदीप शुक्ला चुनाव में जीते थे। उनको और ललित को मिले वोटों में करीब 1700 का अंतर था। ऐसे कई आदेश आए, जिनमें कहा गया कि अगर किसी का कागज गलत है तो चुनाव का परिणाम शून्य करके दोबारा चुनाव कराया जाए। लेकिन, यहां ऐसा न करके दूसरे नंबर के प्रत्याशी को शपथ दिलाने का आदेश हुआ। इस आदेश का मैंने और नगर निगम ने पालन किया।-मेयर सुषमा खर्कवाल