
पारदर्शी विकास न्यूज़ सुल्तानपुर/बल्दीराय। नवनिर्मित तहसील बल्दीराय में शनिवार को प्रथम समाधान दिवस का आयोजन किया गया। समाधान दिवस में कुल 216शिकायतें आईं।डी एम इन्द्र जीत सिंह की उपस्थिति में 53प्रार्थना पत्र मौके पर निस्तारित किए गए। समाधान दिवस में पांच राशन कार्ड जारी किए गए और नौ लोगों को विद्युत कनेक्शन दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित करते हुए कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस आम जनता की समस्याओं के निराकरण का महत्वपूर्ण मंच है। अतः सभी अधिकारी समय से उपस्थित रहकर प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनें और उसका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने राजस्व, पुलिस एवं विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक शिकायतों की जांच कर वास्तविक तथ्यों पर आधारित गुणवत्तापूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत करें। शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता न निभाई जाए, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतकर्ता समाधान से पूर्णतः संतुष्ट हो। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता एवं जवाबदेही सर्वाेपरि है। उन्होंने शिकायतकर्ताओं की सुविधा के लिए बैठने एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए।सम्पूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 216 शिकायती प्रार्थना पत्र’ प्राप्त हुए। इनमें से 53 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण’ कर संबंधित शिकायतकर्ताओं को राहत प्रदान की गई। शेष मामलों को संबंधित विभागों को हस्तांतरित करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डेहरियावां लेखपाल नामवर सिंह के विरुद्ध प्राप्त शिकायत पत्र का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने विभागीय कार्यवाही के निर्देश देते हुए उपजिलाधिकारी बल्दीराय को मामले की निष्पक्ष जांच कर विस्तृत आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। उन्होंने नव निर्मित तहसील भवन में एक सप्ताह के भीतर तहसील कार्यालय को पूर्ण रूप से स्थानांतरित करने के भी निर्देश दिये।जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन न करने वाले किसी भी राजस्व कर्मी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान पाया कि लेखपाल स्तर पर आईजीआरएस के 35 प्रकरणों में मात्र 08 प्रकरणों में ही शिकायतकर्ता संतुष्ट पाये गये हैं, जिस पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया।समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि उपजिलाधिकारी न्यायालय में सर्वाधिक वाद लंबित हैं तथा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों में जनपद प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। धारा-176 के अंतर्गत 119 वाद लंबित पाये गये तथा राजस्व अभिलेखों में त्रुटियों के 225 प्रकरण लंबित हैं। अमल- दरामत के कुल 361 प्रकरण लंबित पाये जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित लिपिक को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देशित किया कि सोमवार सायं तक लंबित प्रकरणों का निस्तारण कर शून्य किया जाये तथा तहसीलदार के साथ स्वयं उपस्थित होकर प्रगति से अवगत कराया जाये, अन्यथा कठोर कार्यवाही की जायेगी।सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे के 431 प्रकरण लंबित पाये गये, जिनमें से 26 प्रकरण तुलसीपुर क्षेत्र से संबंधित हैं। प्रकरणों के अत्यधिक लंबित रहने पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिये।सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 216 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से शेष प्रकरणों का त्वरित निस्तारण कर अवगत कराने के निर्देश दिये गये।