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स्कूली वाहनों पर परिवहन विभाग सख्त

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पारदर्शी विकास ब्यूरो  कुशीनगर में स्कूली वाहनों की सुरक्षा और परिवहन मानकों के अनुपालन को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र गोरखपुर) ने सहायक सम्भागीय परिवहन कार्यालय का निरीक्षण कर स्कूली वाहनों की स्थिति की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित मिले।समीक्षा बैठक में बताया गया कि जनपद में 203 स्कूली वाहनों के परमिट समाप्त हो चुके हैं। इस पर उप परिवहन आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी वाहनों को तत्काल वैध परमिट से आच्छादित कराया जाए। बिना परमिट संचालित वाहनों के खिलाफ सख्त प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए उन्हें निरुद्ध करने के निर्देश भी दिए गए।इसके अलावा 168 स्कूली वाहनों की फिटनेस और पीयूसी समाप्त पाए जाने पर संबंधित विद्यालयों को नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग के अनुसार UPISVMP पोर्टल पर जनपद के 1672 वाहन पंजीकृत हैं, लेकिन 250 वाहनों को अब तक विद्यालय प्रबंधन द्वारा ऑनबोर्ड नहीं किया गया है। ऐसे विद्यालयों को तत्काल प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी मो. अजीम ने बताया कि ब्लॉकवार निरीक्षण अभियान चलाकर अब तक 1316 वाहनों की जांच की गई, जिनमें 681 वाहनों में परमिट, फिटनेस और अन्य तकनीकी खामियां मिलीं। संबंधित विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को डाक, ई-मेल और व्हाट्सएप के माध्यम से नोटिस भेजे गए हैं। निर्धारित समय में कमियां दूर नहीं होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि शासन द्वारा सभी कमियां दूर कराने के लिए 15 मई 2026 तक की समय-सीमा तय की गई है। उप परिवहन आयुक्त ने सभी वाहनों का पुनः निरीक्षण समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान कार्यालय के विभिन्न पटलों का भी अवलोकन किया गया। सभी कर्मचारी अपने कार्य में संलग्न पाए गए तथा कार्यालय परिसर व्यवस्थित मिला।वहीं प्रवर्तन अभियान के तहत एनएच-28 फोरलेन, फाजिलनगर और पटेहरवा रोड पर बालू लदे वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान 6 ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें कसया थाने में निरुद्ध किया गया। इन वाहनों पर कुल 2.50 लाख रुपये का प्रशमन शुल्क लगाया गया, जिसमें से 1.50 लाख रुपये की वसूली भी की जा चुकी है। विभाग ने स्पष्ट किया कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।