
अमेठी। संजय गांधी पॉलिटेक्निक, जगदीशपुर के परिसर में बुधवार को ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज 2026’ (सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज) के अंतर्गत जागरूकता एवं प्रेजेंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्थानीय एवं राष्ट्रीय स्तर की समस्याओं की पहचान करने तथा उनके व्यावहारिक, किफायती और प्रभावी तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में इंजीनियर संजय सिंह, निदेशक, सीटीईडी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर मोनिका सिंह ने सहभागिता की। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के प्रधानाचार्य इंजीनियर राम रतन ने की। उन्होंने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को तकनीकी नवाचार अपनाने और अपनी रचनात्मक सोच को व्यावहारिक रूप देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को साकार करने में युवाओं की प्रतिभा, तकनीकी दक्षता और नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. तनु कौशल एवं रूपाली गुप्ता ने ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज 2026’ की रूपरेखा पर विस्तृत एवं प्रेरणादायक प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि वे अपने आसपास की समस्याओं को पहचानकर उनके समाधान के लिए छोटे-छोटे तकनीकी प्रयोग, कार्यशील मॉडल (प्रोटोटाइप) और नवाचारी विचार विकसित कर सकते हैं। प्रेजेंटेशन में जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, कृषि और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े विषयों पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए गए व्यावहारिक समाधान समाज के लिए उपयोगी साबित होने के साथ-साथ देश के विकास में भी योगदान दे सकते हैं। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए किया प्रोत्साहित कार्यक्रम का मंच संचालन दीपशिखा ने किया, जबकि आयोजन की व्यवस्थाओं में शोभराज एवं सुनील कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्य इंजीनियर राम रतन ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही विद्यार्थियों से राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेने और अपने नवाचारी विचारों को प्रस्तुत करने की अपील की। इस अवसर पर डॉ. सत्यांश सिंह, डॉ. ऋषि कुमार, आराधना कंचन सहित संस्थान के अन्य शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। प्रतियोगिता से संबंधित जानकारी एवं प्रतिभाग के लिए विद्यार्थियों को sevafirst.mic.gov.in पोर्टल के माध्यम से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।