
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। पनकी पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए हलवाई समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर म्यूल बैंक खातों के जरिए देशभर में फैली साइबर ठगी को अंजाम देने का आरोप है। जांच में करीब 10 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आए हैं। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी के अनुसार, मामला तब सामने आया जब एनसीआरबी (NCRB) पोर्टल और समन्वय पोर्टल पर एक ICICI बैंक खाते से लगातार शिकायतें दर्ज हो रही थीं। जांच में पाया गया कि इस खाते में डिजिटल अरेस्ट के जरिए ठगी गई 3.25 करोड़ रुपये की राशि आई थी। यह पैसा देश के 8 अलग-अलग राज्यों से साइबर ठगी के जरिए ट्रांसफर किया गया था।पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी जगदीश चंद्र गुप्ता, जो हलवाई का काम करता है, ने “बाला जी फाउंडेशन” नाम की फर्जी संस्था बनाकर बैंक खाता खुलवाया था। इसी खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम जमा करने के लिए किया जा रहा था। वहीं दूसरा आरोपी रोहित भसीन नोएडा में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से म्यूल अकाउंट खुलवाने का काम करता था।डीसीपी के मुताबिक, नोएडा स्थित ICICI बैंक के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिनमें से कुछ को गुजरात पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी बैंक अधिकारियों की मदद से खातों की ट्रांजेक्शन लिमिट बढ़वाते थे, ताकि बड़ी रकम आसानी से ट्रांसफर हो सके।जांच में सामने आया कि ठग खुद को सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते थे और उन्हें डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर पैसे ऐंठते थे। यह रकम बाद में म्यूल खातों में जमा की जाती थी और अलग-अलग राज्यों में ट्रांसफर कर दी जाती थी।पुलिस के अनुसार, आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, हरियाणा और तेलंगाना सहित कई राज्यों से ठगी की शिकायतें मिली हैं। आरोपियों के पास से बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
इन राज्यों के खातों से आई थी रकम
खातें में आंध्र प्रदेश में डिजिटल अरेस्ट के जरिए 44.93 लाख, हरियाणा के सोनीपत से 19.80 लाख, गोवा जिले से 42.60 लाख, गुजरात से 99 लाख, कर्नाटक से 6.54 लाख, महाराष्ट्र की पुणे सिटी से 31.60 लाख व 20.20 लाख, तेलंगाना से 46.70 लाख की साइबर ठगी की रकम आई थी।