
पारदर्शी विकाश न्यूज़ लखनऊ। लोकभवन में सोमवार को 10वीं और 12वीं के टॉप करने वाले छात्र-छात्राओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 75 जिलों के टॉप-10 में स्थान पाने वाले 223 मेधावी विद्यार्थियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। इनमें 85 छात्र और 138 छात्राएं शामिल रहीं।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बेटियां शिक्षा में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं और मेरिट में उनका प्रतिशत बढ़ना समाज में आए सकारात्मक बदलाव को दर्शाता है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि पहले माना जाता था कि बेटियां घर में मां का सहयोग करती हैं, लेकिन अब लड़के घर के कामों में हाथ बंटा रहे हैं और कई बार छोटे-छोटे घरेलू कार्य भी कर रहे हैं, जिसका असर शिक्षा के परिणामों पर दिखाई देता है।इस अवसर पर यूपी बोर्ड के साथ सीबीएसई, आईसीएसई और संस्कृत शिक्षा बोर्ड के टॉपर्स को भी सम्मानित किया गया। पूरे प्रदेश के 75 जिलों में अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से कुल 1,459 विद्यार्थियों को भी सम्मान दिया गया।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में छात्रों को परीक्षा प्रणाली, तकनीक के उपयोग और जीवनशैली को लेकर कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा का उद्देश्य केवल मूल्यांकन नहीं बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाना होना चाहिए। उन्होंने छात्रों को सोशल मीडिया के सीमित उपयोग, पढ़ाई पर ध्यान देने और रचनात्मक गतिविधियों में शामिल होने की सलाह दी।सीएम योगी ने यह भी कहा कि मेहनत और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है और किसी भी क्षेत्र में शॉर्टकट से सफलता संभव नहीं है। उन्होंने छात्रों से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने, समय प्रबंधन अपनाने और जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने का आह्वान किया।कार्यक्रम में छात्रों के साथ उनके अभिभावक और प्रधानाचार्य भी मौजूद रहे, जिन्हें भी सम्मानित किया गया। शिक्षा मंत्री गुलाब देवी सहित अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।