
PARDARSHI VIKASH NEWS अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित 7 करोड़ रुपये की चोरी के दावे को लेकर राजनीतिक विवाद तेजी से बढ़ गया है। मामले में अब विभिन्न दलों के नेताओं द्वारा जांच और पारदर्शिता की मांग की जा रही है, जिससे यह मुद्दा सियासी बहस का केंद्र बन गया है। भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूरे आय-व्यय का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने पहले CBI जांच की भी अपील की थी, जिसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्रस्ट से रिपोर्ट तलब कर ली है। पत्र में उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए दान और चढ़ावे की हर प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता आवश्यक है। उन्होंने समर्पण निधि, नकद और ऑनलाइन दान, आभूषणों का विवरण तथा बैंक खातों के संपूर्ण रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की बात कही है।वहीं विपक्षी दलों और अन्य नेताओं ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव ने मामले की CBI जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। कुछ अन्य सपा नेताओं ने भी पहले इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार की चुप्पी पर सवाल खड़े किए थे। दूसरी ओर, ट्रस्ट से जुड़े पूर्व लेखा प्रभारी के रूप में सामने आए महिपाल सिंह ने आरोप लगाया कि चढ़ावे और आभूषणों का पूरा रिकॉर्ड पारदर्शी नहीं रहा और कई प्रक्रियाएं सीमित लोगों तक ही सिमटी रहती थीं। हालांकि ट्रस्ट की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि किसी भी तरह की अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई है। इसी बीच शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भी बयान देते हुए अनियमितताओं की जांच की मांग की है। फिलहाल मामला जांच और राजनीतिक बयानबाजी के बीच उलझा हुआ है और सभी की नजरें आधिकारिक रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।