news-details

राजनीति की मास्टर चाबी हासिल करने को बसपा का गांव चलो अभियान तेज

You can share this post!

मायावती ने ब्राह्मणों को दिलाई मजबूत पहचान : जितेंद्र
सरायखेमा में हुई सेक्टर कमेटी की बैठक
सेक्टर के कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया


पारदर्शी विकास न्यूज़  अमेठी/मुंशीगंज।  बहुजन समाज पार्टी की सेक्टर स्तरीय कार्यकर्ता बैठक सरायखेमा में बाबा साहब डॉ अम्बेडकर प्रतिमा के पास हुई। बैठक में बूथ एवं सेक्टर कमेटियों के पुनर्गठन की समीक्षा के बाद सभा का आयोजन किया गया।सभा में बहुजन समाज पार्टी की रीति नीति और बहन मायावती जी के चार बार के मुख्यमंत्रित्व काल की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। मिशन -2027की सफलता के लिए बसपा समर्थकों  से संगठित होकर मतदान करने और विधानसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करते हुए सूबे में सरकार बनाने की अपील की गई है। सभा की शुरुआत बाबा साहब डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। बसपा के विधानसभा प्रभारी शमशेर बौद्ध ने उपस्थित कार्यकर्ताओं और सर्वसमाज के लोगों को वोट की ताकत का एहसास कराया और कहा कि लोकतंत्र में वोट का अधिकार सबसे बड़ा अधिकार है।बहन मायावती जी ने एक वोट से अटल बिहारी वाजपेई की सरकार गिराई थी। कार्यकर्ता बैठक में बसपा नेता जितेन्द्र कुमार मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बसपा के मंडल प्रभारी बद्री प्रसाद प्रजापति, मंडल प्रभारी शिवराम, बामसेफ के जिला संयोजक संजीव भारती, विधानसभा प्रभारी शमशेर बौद्ध ने सम्बोधित किया। सेक्टर अध्यक्ष रामशंकर दानी ने अतिथि वक्ताओं का स्वागत और सम्मान किया।बैठक का संचालन मिश्रीलाल बौद्धाचार्य ने किया। सरायखेमा में बैठक में बसपा नेता जितेन्द्र मिश्र, मंडल प्रभारी शिवराम और बद्री प्रसाद प्रजापति ने सेक्टर के कार्यकर्ताओं को मालाएं पहनाकर उनका सम्मान किया और उन्हें 2027के विधानसभा चुनाव में अपने अपने बूथ पर बसपा प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी।  जितेन्द्र कुमार मिश्र ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी सर्वसमाज की हितैषी है।बहन मायावती जी ने अपने चार बार के मुख्यमंत्रित्व काल में सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की नीति पर सरकार चलाकर सर्वसमाज की भलाई के काम किए। डा अम्बेडकर ग्राम विकास योजना लागू करके बहन मायावती जी ने दलित बस्तियों और गांवों का कायाकल्प किया। उत्तर प्रदेश में कानून का राज कायम किया।बहन मायावती के शासन में गुंडे और माफिया प्रदेश छोड़कर भाग गए थे। जितेन्द्र कुमार मिश्र ने कहा कि बहन मायावती जी ने अपनी सरकार में सर्वसमाज के लोगों को भागीदारी और मान सम्मान दिया। ब्राह्मण समाज को राजनीति में शीर्ष पर पहुंचाने का काम किया। अमेठी में चुनाव हारने के बावजूद आशीष शुक्ला को खादी ग्रामोद्योग बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाकर राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया। लोकसभा चुनाव भी लड़ाया। जितेन्द्र मिश्र ने योगी राज में ब्राह्मण समाज की उपेक्षा और उत्पीड़न के आरोप लगाए और कहा कि दस साल में ब्राह्मण समाज के लोगों के सबसे अधिक इनकाउंटर हुए हैं। ब्राह्मण समाज के युवाओं को भगवा पहनाकर छलने का काम किया गया है। पेपर लीक सरकार में एक भी परीक्षा का परिणाम नहीं आया। नौकरी के नाम पर युवाओं को ठगने का काम किया जा रहा है।


 

 

 बैठक में उपस्थित प्रमुख लोग:एक नजर
 रामशंकर, भैय्या राम, शमलेश कुमार,घेर्राऊ, प्रेम सागर, लालबहादुर, मथुरा प्रसाद,राज कुमार मिश्र,शिवमलन, सुखलाल बौद्ध,गुरुचरन, वीरेंद्र कुमार तिवारी, दीपक दुबे,राज बहादुर, आदर्श, यमुना, राजकुमार भास्कर,समय, रंजीत, शिवम्, शिवपूजन,  अरूण कुमार, विनोद कुमार, शिवदास,मोहन, रामसुंदर, डॉ कालिका प्रसाद,  संजय कुमार

 

 



 बैठक में चर्चा के मुख्य बिंदु -एक नजर
1-1984के पहले राजनीति में ओबीसी की भागीदारी डेढ़ फीसदी थी।1984मे बसपा ने  पिछड़े वर्ग के राजनीतिक उत्थान के लिए देश व्यापी आंदोलन और कार्यक्रम किए। सभी जातियों को उनकी संख्या के मुताबिक राजनीति और शासन प्रशासन में भागीदारी देकर भारतीय राजनीति के व्याकरण को बदलने का काम किया।
2-जनता दल की अल्पमत हुई सरकार को अपने तीन सांसदों का सशर्त समर्थन देकर मान्यवर कांशीराम साहब और बहन मायावती जी ने मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू कराई और बाबा साहब डॉ अम्बेडकर को मरणोपरांत सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न मिला
 3-बसपा की सरकार बनने के बाद पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की स्थापना की गई।
4-ओबीसी की सभी जातियों के मान, सम्मान और स्वाभिमान को मजबूत करने के ओबीसी के सभी महापुरुषों की प्रतिमाएं लगवाईं, जिले बनाए और पुलिस थानों में आबादी के अनुसार एस सी और ओबीसी वर्ग के थानेदार तैनात किए
 4-बसपा की राजनीतिक पाठशाला में राजनीति का ककहरा सीखने और विधायक और मंत्री बने ओबीसी के तमाम नेता आज निजी स्वार्थ में राजनीतिक दल बनाकर बीजेपी और कांग्रेस के इशारे पर वोटों के बंटवारे की कोशिश में लगे हुए हैं, इनसे बहुजन समाज को सावधान करना है।
 5-पदाधिकारियों को समाज में सुख दुःख की घटनाओं में शामिल होना है। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए तत्पर रहना है।