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रोड रोलर पर बैनर लगाने को लेकर पूर्व विधायक भदौरिया और सपा विधायक हसन रूमी आमने-सामने

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। कैंट विधानसभा क्षेत्र के सुजातगंज में सड़क मरम्मत के दौरान रोड रोलर पर सपा विधायक और पार्षद का बैनर लगाए जाने को लेकर भाजपा के पूर्व विधायक रघुनंदन भदौरिया ने आपत्ति जताई। गुरुवार को गल्ला गोदाम के पास सड़क पर गड्ढों की मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक ने रोड रोलर पर लगा बैनर हटवा दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले को लेकर पूर्व विधायक और सपा विधायक हसन रूमी के बीच बयानबाजी भी सामने आई है।पूर्व विधायक रघुनंदन भदौरिया ने कहा कि सड़क की मरम्मत सरकारी विभाग के माध्यम से कराई जा रही है। ऐसे में काम से संबंधित बैनर पर विभाग का नाम भी होना चाहिए। जनप्रतिनिधि यदि विकास कार्य करा रहे हैं तो वे सड़क किनारे या दीवारों पर बैनर लगा सकते हैं, लेकिन सरकारी वाहन पर अपना फोटो और बैनर लगाकर प्रचार करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के प्रयासों से कराए जा रहे काम का श्रेय सपा विधायक और पार्षद लेने का प्रयास कर रहे हैं।वायरल वीडियो में भदौरिया रोड रोलर पर बैनर लगाए जाने पर नाराजगी जताते नजर आ रहे हैं। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से बैनर हटाने को कहा। इस दौरान भाजपा से पार्षद का चुनाव लड़ चुके नइमुल हसन से भी उनकी बातचीत हुई। भदौरिया ने कहा कि भाजपा के सुजातगंज वार्ड के प्रत्याशी भी क्षेत्र में काम करा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा विकास कार्यों के दम पर चुनाव जीतती है और सांसद भी क्षेत्र के विकास के लिए सक्रिय हैं।पूर्व विधायक ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वह इस मामले में संबंधित अधिकारियों से बात करेंगे। यदि सरकारी वाहन पर इस तरह बैनर लगा मिला तो संबंधित अधिकारी के निलंबन की मांग करेंगे। उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ भी कार्रवाई कराने की बात कही। भदौरिया का कहना है कि उन्होंने विधायक रहते हुए भी विकास कार्य कराए हैं और हमेशा संबंधित विभाग तथा निधि का उल्लेख किया है।वहीं, कैंट से सपा विधायक हसन रूमी ने पूर्व विधायक के आरोपों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सुजातगंज गल्ला गोदाम के पास सड़क की मरम्मत का काम नगर निगम से स्वीकृत है। क्षेत्र के पार्षद नफीस हैं और उनके प्रयास से सड़क की मरम्मत कराई जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि काम की जानकारी देने के लिए बैनर लगाया गया था तो इसमें गलत क्या है और यह गैरकानूनी कैसे है?हसन रूमी ने बैनर हटाए जाने को गलत बताते हुए कहा कि इस तरह बैनर हटाना गुंडई है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बैनर पर उनका और पार्षद का फोटो लगा था। विभाग का नाम लिखे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि रोड रोलर पर संबंधित विभाग और नगर निगम का नाम पहले से ही बड़े अक्षरों में लिखा हुआ है।सपा विधायक ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधि भी संवैधानिक पद पर हैं और सरकार से अलग नहीं हैं। उनके मुताबिक, बैनर हटाने की कार्रवाई हताशा में की गई है। सड़क मरम्मत के दौरान सरकारी वाहन पर जनप्रतिनिधियों के बैनर लगाए जाने को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब दोनों पक्षों के बयानों के बाद चर्चा में है।